भाजपा के प्रदर्शनकारियों के स्वागत के लिए कांग्रेस ने की थी गुलाब के फूल और जलपान की व्यवस्था: रजनीश सिंह
कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने भाजपा पर लगाया माहौल बिगाड़ने का आरोप, कहा महिला मोर्चा के प्रदर्शन में पुरुष नेताओं का नेतृत्व करना निंदनीय
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर | राष्ट्र संवाद ब्यूरो
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रजनीश सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय के समक्ष भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना स्वस्थ परंपरा है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान जिस तरह का माहौल बनाया गया, वह निंदनीय है।
रजनीश सिंह ने कहा कि कांग्रेस जिला कमेटी की ओर से प्रदर्शन में शामिल होने आने वाली महिलाओं के स्वागत और सत्कार के लिए गुलाब के फूल, लड्डू, जलेबी, पानी, चाय और बिस्किट की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वयं इन व्यवस्थाओं को देखा था। कांग्रेस की योजना थी कि दूसरे राजनीतिक दल से होने के बावजूद प्रदर्शन में आने वाली महिलाएं जिले की नागरिक हैं, इसलिए उनका गांधीवादी तरीके से स्वागत किया जाएगा। साथ ही, उनकी ओर से सौंपे जाने वाले मांगपत्र को राष्ट्रीय अध्यक्ष या प्रदेश अध्यक्ष के नाम से प्राप्त किया जाएगा।
भाजपा कार्यकर्ताओं पर माहौल बिगाड़ने का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत व्यवहार किया और कथित तौर पर डंडे चलाए तथा पत्थर फेंके। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान डंडे और पत्थर कहां से आए? उनके अनुसार, झंडे छीनने और छीना-झपटी जैसी घटनाओं से माहौल बिगड़ा।
रजनीश सिंह ने कहा कि भाजपा के विधायक, नेता तथा पूर्व और वर्तमान जिला अध्यक्ष मौजूद थे, इसलिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं के आचरण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा के प्रदर्शन में पुरुष नेताओं का आगे रहकर नेतृत्व करना भी उचित नहीं है।
भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों: कांग्रेस नेता
रजनीश सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन और आपसी सम्मान की परंपरा बनाए रखना भी जरूरी है।
उन्होंने पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक मर्यादाओं और गांधीवादी मूल्यों का पालन किया जाना चाहिए।

