भगवानपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर चौक स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान छह वर्षीय बच्ची की मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। बच्ची की मौत से आक्रोशित लोगों ने जगदीशपुर पुल के समीप हरिचक-भगवानपुर मुख्य मार्ग पर धरना देकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान निजी क्लीनिक के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
मृत बच्ची की पहचान शेरपुर गांव के वार्ड संख्या 11 निवासी कैप्टन पासवान की छह वर्षीया पुत्री राधा कुमारी के रूप में की गई है। बताया जाता है कि बच्ची की तबीयत खराब होने के बाद परिजन उसे इलाज के लिए जगदीशपुर चौक स्थित एक निजी क्लीनिक में लेकर पहुंचे थे। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और देखते ही देखते आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए।
बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर धरना शुरू कर दिया। सड़क जाम किए जाने से हरिचक-भगवानपुर मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई। एसआई सुमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आक्रोशित परिजनों तथा ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क जाम हटवाया। पुलिस के समझाने के बाद लोगों ने धरना समाप्त किया और मुख्य मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका।
इधर, बच्ची की मौत के बाद उसके घर में मातम पसरा हुआ है। मृतका की मां विनीता देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के क्रंदन से पूरे गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है। राधा कुमारी तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। परिवार के लोगों के लिए उसकी अचानक हुई मौत का सदमा बेहद दुखद है।
परिजनों का आरोप है कि बच्ची को यदि समय पर बेहतर और समुचित इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। इसी को लेकर परिजनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि बच्ची की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।
घटना की सूचना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेज दिया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल बच्ची की मौत को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए इलाज में लापरवाही के आरोप की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

