लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
श्रावण मास की पहली सोमवारी से पूर्व बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब
पवित्र श्रावण मास के आगमन के साथ ही झारखंड के देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया है। भगवान भोलेनाथ के प्रिय महीने सावन में जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है और इस बार ग्रह-नक्षत्रों का अद्भुत संयोग इस पर्व को और भी मंगलमय बना रहा है। रविवार को पहली सोमवारी से ठीक एक दिन पूर्व ही मंदिर परिसर और आसपास का पूरा इलाका बोल बम के जयकारों से गूंज उठा।
देवघर: श्रावण मास की पहली सोमवारी से पहले रविवार को बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं और कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गणेश चतुर्थी के संयोग के कारण देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे।
बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक की विशेष व्यवस्था
प्रशासन ने पहली सोमवारी पर ढाई से तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है। भीड़ को देखते हुए जलार्पण केवल बाहरी एवं भीतरी अर्घा प्रणाली के माध्यम से कराया जाएगा। सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए रविवार और सोमवार को शीघ्र दर्शनम कूपन की सुविधा भी स्थगित कर दी गई है।
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से सुरक्षित दर्शन और जलार्पण कराया जा सके।
वरिष्ठ पुजारी ने बताया सावन का महात्म्य
बाबा मंदिर के वरिष्ठ पुजारी लंबोदर परिहस्त ने कहा कि सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक का विशेष महत्व है तथा सच्ची श्रद्धा से पूजा करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं भगवान भोलेनाथ अवश्य पूर्ण करते हैं।
प्रशासन के अनुसार सावन की पहली सोमवारी से प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के बाबा धाम पहुंचने की संभावना है।
कांवर यात्रा मार्ग पर प्रशासन की पैनी नजर
सुल्तानगंज से देवघर तक लगभग 105 किलोमीटर लंबे कांवर यात्रा मार्ग पर भी प्रशासन ने कमर कस ली है। जगह-जगह पर स्वास्थ्य शिविर, पेयजल की व्यवस्था, शौचालय और विश्राम स्थल बनाए गए हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा कंट्रोल रूम स्थापित कर भीड़ की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है। झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसे यहां देखा जा सकता है।
श्रद्धालुओं के लिए यातायात एवं ठहराव के इंतजाम
भीड़ प्रबंधन के लिए देवघर शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पार्किंग के लिए शहर के बाहरी इलाकों में बड़े मैदान चिह्नित किए गए हैं जहां से शटल बस सेवा की व्यवस्था है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सावन माह के दौरान पूरे एक महीने तक चलने वाले इस मेले में सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

