लेखक: देवानंद सिंहसंसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अनेक मुद्दों पर गहरे मतभेद हैं। विपक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी, पेपर लीक, मणिपुर, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, एथेनॉल नीति और विदेश नीति जैसे विषयों पर चर्चा की मांग की है, जबकि सरकार ने सभी दलों से सदन को सुचारू रूप से चलाने और विधेयकों पर सार्थक बहस करने की अपील की है। लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उनका समाधान संसद के भीतर संवाद और विमर्श…
Author: Devanand Singh
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातासोनम वांगचुक के आमरण अनशन पर राजनीति गरमाईसोनम वांगचुक, लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता, पिछले कई दिनों से दिल्ली में आमरण अनशन पर बैठे थे। उनकी मांग लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और क्षेत्र की पारिस्थितिकी संरक्षण की थी, जिसके लिए वे सोनम वांगचुक लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। 17 जुलाई को उनके अनशन का 20वां दिन था, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार को निर्देश दिए। लेकिन अगले ही दिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें अनशन स्थल से जबरन हटा दिया। इस कार्रवाई ने देशभर…
लेखक: राष्ट्र संवाद डेस्कआनंद मोहन सिंह: न्याय और कानून का संघर्षबिहार की राजनीति में आनंद मोहन सिंह एक ऐसा नाम है, जो वर्षों से चर्चा और विवाद दोनों का केंद्र रहा है। उनके समर्थक उन्हें क्षत्रिय समाज की बुलंद आवाज और स्वाभिमान का प्रतीक मानते हैं, जबकि उनके विरोधी उन्हें एक गंभीर आपराधिक मामले में दोषसिद्ध व्यक्ति के रूप में देखते हैं। ऐसे में उनकी रिहाई और अब दोबारा जेल जाने की आशंकाओं को लेकर उठ रही बहस केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह न्याय, कानून, राजनीति और सामाजिक भावनाओं से जुड़ा बड़ा प्रश्न बन…
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में नए खुलासे सामने आए हैं। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। अयोध्या, 18 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के तहच अब मंदिर के दैनिक कामकाज में शामिल सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी। उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच केवल दान के गबन तक सीमित नहीं होगी बल्कि ट्रस्ट द्वारा निर्माण और जमीन की खरीद में किए गए अन्य लेनदेन की…
लेखक: मंजू सिंहशहर की पहचान: इमारतों से नहीं, नागरिकों की सुरक्षा सेपटना का रेलवे स्टेशन देश के बेहतर रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। लेकिन किसी शहर की पहचान केवल उसकी इमारतों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वहाँ का आम नागरिक कितना सुरक्षित है।अगर राजधानी में अपराध, अवैध गतिविधियों और संगठित गिरोहों के गंभीर आरोप बार-बार सामने आते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल सिर्फ प्रशासन से नहीं, बल्कि उन जनप्रतिनिधियों से भी है जो उसी शहर में बैठकर जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। सत्ता हो या विपक्ष—जब जनता के असली मुद्दों पर दोनों की आवाज़…
लेखक: राष्ट्र संवाद डेस्क आनंद मोहन प्रकरण पर जारी कानूनी और सामाजिक बहस ने बिहार की राजनीति को झकझोर दिया है। आनंद मोहन प्रकरण: न्यायिक प्रक्रिया और जनभावनाएं राष्ट्र संवाद डेस्क बिहार की राजनीति में आनंद मोहन सिंह एक ऐसा नाम है, जो वर्षों से चर्चा और विवाद दोनों का केंद्र रहा है। उनके समर्थक उन्हें क्षत्रिय समाज की बुलंद आवाज और स्वाभिमान का प्रतीक मानते हैं, जबकि उनके विरोधी उन्हें एक गंभीर आपराधिक मामले में दोषसिद्ध व्यक्ति के रूप में देखते हैं। ऐसे में उनकी रिहाई और अब दोबारा जेल जाने की आशंकाओं को लेकर उठ रही बहस केवल…
लेखक: देवानंद सिंहजवाबदेही और पत्रकारितालोकतंत्र में प्रेस को चौथा स्तंभ कहा जाता है। यह केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही का दायित्व भी है। स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता शासन, प्रशासन और जनता के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती है। लेकिन जब पत्रकारिता की आड़ में व्यक्तिगत स्वार्थ, भय पैदा करने की प्रवृत्ति या अवैध गतिविधियां पनपने लगें, तब इस पर गंभीर मंथन आवश्यक हो जाता है।दिल्ली हाईकोर्ट की हालिया टिप्पणी इसी चिंता को सामने लाती है। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन इसका दुरुपयोग किसी भी स्थिति में…
लेखक: राष्ट्र संवादयूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी यूसीएल के अस्पताल में दवा की किल्लत ने मरीजों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रबंधन ने आउटसोर्सिंग कंपनी KK फार्मा को 2 साल के लिए 16 करोड़ रुपये का दवा सप्लाई टेंडर दिया था। सप्लाई 16 जुलाई 2025 से शुरू हुई। एक साल में प्रबंधन ने लगभग 5 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को समय पर दवा नहीं मिल पा रही है।7 से 10 दिन तक दवा के लिए चक्कर, जरूरी दवा भी नहीं मिलीअस्पताल आने वाले स्थाई कर्मियों और रिटायर्ड कर्मचारियों का आरोप है…
लेखक: राष्ट्र संवादयूसीएल अस्पताल में दवा संकट गहरा गया है। 16 करोड़ का टेंडर और 5 करोड़ भुगतान के बावजूद मरीजों को समय पर दवा नहीं मिल पा रही है।यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी यूसीएल के अस्पताल में दवा की किल्लत ने मरीजों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रबंधन ने आउटसोर्सिंग कंपनी KK फार्मा को 2 साल के लिए 16 करोड़ रुपये का दवा सप्लाई टेंडर दिया था। सप्लाई 16 जुलाई 2025 से शुरू हुई। एक साल में प्रबंधन ने लगभग 5 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को समय पर दवा नहीं…
लेखक: राष्ट्र संवाद जादूगोड़ायूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी यूसीएल के अस्पताल में दवा की किल्लत ने मरीजों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रबंधन ने आउटसोर्सिंग कंपनी *KK फार्मा* को 2 साल के लिए 16 करोड़ रुपये का दवा सप्लाई टेंडर दिया था। सप्लाई 16 जुलाई 2025 से शुरू हुई। एक साल में प्रबंधन ने लगभग 5 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को समय पर दवा नहीं मिल पा रही है।यूसीएल के अस्पताल में दवा की किल्लत: मरीजों का हाल7 से 10 दिन तक दवा के लिए चक्कर, जरूरी दवा भी नहीं मिलीअस्पताल…
