Author: Devanand Singh

चतरा: पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के आवास के मुख्य गेट के सामने प्राइवेट गार्ड की दिनदहाड़े हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम देने वाला प्राइवेट बॉडीगार्ड न सिर्फ मानसिक विक्षिप्त है, बल्कि उसका पुराना आपराधिक इतिहास भी है। प्राइवेट गार्ड की दिनदहाड़े हत्या घटना के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घटना के आरोपी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी प्राइवेट बॉडीगार्ड बलवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही गाड़ी में मौजूद बिहार पुलिस के एक जवान सत्येंद्र कुमार को भी…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता चतरा मे खैनी के खातिर खूनी खेल सामने आया है जहां एक मानसिक विक्षिप्त बॉडीगार्ड ने खैनी मांगने पर अपने साथी की गोली मारकर हत्या कर दी। चतरा मे खैनी के खातिर खूनी खेल: घटना का पूरा विवरण चतरा: पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के आवास के मुख्य गेट के सामने प्राइवेट गार्ड की दिनदहाड़े हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम देने वाला प्राइवेट बॉडीगार्ड न सिर्फ मानसिक विक्षिप्त है, बल्कि उसका पुराना आपराधिक इतिहास भी है। घटना के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डीएसपी मुख्यालय सुनील…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताप्राइवेट गार्ड की दिनदहाड़े हत्या: पुलिस का खुलासाचतरा: पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के आवास के मुख्य गेट के सामने प्राइवेट गार्ड की दिनदहाड़े हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार घटना को अंजाम देने वाला प्राइवेट बॉडीगार्ड न सिर्फ मानसिक विक्षिप्त है, बल्कि उसका पुराना आपराधिक इतिहास भी है।घटना के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घटना के आरोपी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी प्राइवेट बॉडीगार्ड बलबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही गाड़ी में मौजूद बिहार पुलिस के एक जवान…

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लेखक: इंद्र यादवशहर जलाने वालों, मत भूलो… धुआँ उठेगा, तो साँस सबकी रुकेगी। यह केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि हमारे समय की सबसे बड़ी सच्चाई है। नफरत और हिंसा की आग कभी किसी एक समुदाय, वर्ग या व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती।नफरत का समाज पर प्रभावकोई भी शहर केवल इमारतों का समूह नहीं होता, बल्कि आपसी विश्वास, भाईचारे और साझी संस्कृति का प्रतीक होता है। जब नफरत फैलती है, तो सबसे पहले सामाजिक सौहार्द, व्यापार, शिक्षा और आम जनजीवन प्रभावित होता है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है।मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं,…

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लेखक: इंद्र यादवलोकल ट्रेन में बवाल की ताजा घटना मुंबई सेंट्रल डिवीजन में सामने आई है, जहां दो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने एक यात्री के साथ मारपीट की।इंद्र यादव/मुंबई/मुंबई की लोकल ट्रेनें अपनी ‘लाइफलाइन’ होने के लिए जानी जाती हैं, लेकिन लगता है अब ये ट्रेनें ‘मारपीट’ का नया केंद्र बन गई हैं। हाल ही में मुंबई सेंट्रल GRP की टीम ने दो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। मामला! एक यात्री के साथ सरेआम हुई हाथापाई का!कहते हैं लोकल में सफर करना अपने आप में एक ‘एडवेंचर’ है, लेकिन ये एडवेंचर तब कड़वा हो गया जब एक यात्री का…

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लेखक: ललित गर्गभारत ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टि और नवाचार का संगम हो तो आकाश भी सीमा नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रारंभ बन जाता है। भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था और विज्ञान-प्रधान भविष्य की ओर बढ़ते राष्ट्र का एक नया घोषणापत्र है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ‘मिशन आगमन’ के अंतर्गत हुई यह ऐतिहासिक उड़ान भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में एक ऐसे स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जिसने यह…

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लेखक: देवानंद सिंहलोकतंत्र में विरोध का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है, जिसका सम्मान हर सरकार को करना चाहिए। यह अधिकार केवल बोलने तक सीमित नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होकर अपनी मांगें रखने तक विस्तारित है।लोकतंत्र में विरोध का अधिकार और संसद मार्च का घटनाक्रमलोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यहां सत्ता और विपक्ष दोनों को अपनी बात रखने का समान अधिकार है। सरकारें बहुमत से बनती हैं, लेकिन लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं है यह असहमति के सम्मान का भी नाम है। इसलिए जब जनता या विपक्ष किसी नीति के विरोध में सड़क…

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लेखक: इंद्र यादवनफरत और हिंसा की आग जब भड़कती है, तो वह किसी एक तबके तक सीमित नहीं रहती; इसकी लपटें पूरे सामाजिक ताने-बाने को झुलसा देती हैं।शहर जलाने वालों, मत भूलो… धुआँ उठेगा, तो साँस सबकी रुकेगी। यह केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि हमारे समय की सबसे बड़ी सच्चाई है। नफरत और हिंसा की आग कभी किसी एक समुदाय, वर्ग या व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती। इसकी लपटें अंततः पूरे समाज को अपनी चपेट में ले लेती हैं।कोई भी शहर केवल इमारतों का समूह नहीं होता, बल्कि आपसी विश्वास, भाईचारे और साझी संस्कृति का प्रतीक होता है। जब नफरत…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता, इंद्र यादवमुंबई सेंट्रल GRP ने मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बीते दिनों एक यात्री के साथ हुई सरेआम मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए दो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है। यह घटना एक बार फिर मुंबई लोकल में सफर कर रहे लाखों यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।मुंबई सेंट्रल GRP की त्वरित कार्रवाई से खुला राजइंद्र यादव/मुंबई/मुंबई की लोकल ट्रेनें अपनी ‘लाइफलाइन’ होने के लिए जानी जाती हैं,…

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लेखक: देवानंद सिंहआवाज बुलंद हो, व्यवस्था बाधित नहीं – यह सिद्धांत भारतीय लोकतंत्र की नींव है, जहां नागरिकों को अपनी मांगें रखने का अधिकार है, लेकिन साथ ही सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। हालिया घटनाक्रम में दिल्ली के संसद मार्च ने इस नाजुक संतुलन को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव, मेट्रो स्टेशनों पर अफरा-तफरी और पत्थरबाजी की खबरों ने लोकतांत्रिक विमर्श को एक नई दिशा दी है। इस लेख में हम इसी संतुलन के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करेंगे और समझेंगे कि कैसे संवाद ही इस गतिरोध का…

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