Author: Devanand Singh

लेखक: देवानंद सिंहलोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद होती है। यही वह मंच है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष जनता की समस्याओं, सरकार की नीतियों और राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर चर्चा करते हैं। लेकिन जब संसद लगातार हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ जाती है, तो सबसे अधिक नुकसान लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की अपेक्षाओं का होता है।संसद लगातार हंगामे और गतिरोध: चुनौतियां और समाधाननीट परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई जैसे विषय निश्चित रूप से गंभीर हैं। देश के लाखों छात्रों और उनके परिवारों की भावनाएं इन मुद्दों से जुड़ी हैं। ऐसे…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातारांची: दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए कांग्रेस के धरने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को रांची स्थित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में जयपाल सिंह स्टेडियम से निकले जुलूस को कांग्रेस कार्यालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।प्रदर्शन के दौरान BJP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई तथा कुछ कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय की ओर अंडे भी फेंके। बैरिकेडिंग के दोनों ओर BJP और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताजांच घोटाला: रघुवर दास के गंभीर आरोपझारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में विभिन्न घोटालों की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में “घोटालों से बड़ा घोटाला ‘जांच घोटाला’ बन गया है।” उन्होंने कहा कि राज्य का युवा यह जानना चाहता है कि क्या हर बार जांच की कहानी इसी तरह आगे बढ़ती रहेगी।रघुवर दास ने अपने जारी बयान में कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए, लेकिन तत्कालीन…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातारांची/ जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में विभिन्न घोटालों की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में “घोटालों से बड़ा घोटाला ‘जांच घोटाला’ बन गया है।” उन्होंने कहा कि राज्य का युवा यह जानना चाहता है कि क्या हर बार जांच की कहानी इसी तरह आगे बढ़ती रहेगी।जांच घोटाला: रघुवर दास के गंभीर आरोपरघुवर दास ने अपने जारी बयान में कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए,…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताझारखंड की राजनीति में इन दिनों जांच घोटाला शब्द चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि घोटालों की जांच के नाम पर एक बड़ा खेल खेला जा रहा है।झारखंड में जांच घोटाला पर रघुवर दास का तीखा हमलारांची/ जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में विभिन्न घोटालों की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में “घोटालों से बड़ा घोटाला ‘जांच घोटाला’ बन गया है।” उन्होंने कहा कि राज्य का युवा यह जानना चाहता है…

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लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताकांग्रेस कार्यालय के बाहर BJP का प्रदर्शन आज रांची में सुर्खियों में रहा।कांग्रेस पर हमलाराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव झारखंड की सियासी जमीन पर दोनों दलों के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है।विपक्षी दलों ने इस घटना को लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन बताया और शांतिपूर्ण विरोध की मांग की।सिन्हा ने आगे कहा कि पार्टी विधिक प्रक्रिया का पालन करेगी और किसी भी हिंसा की निंदा करती है।पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग रखा।स्थानीय निवासियों ने इस टकराव पर चिंता व्यक्त की…

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लेखक: देवानंद सिंहलोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद होती है। यही वह मंच है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष जनता की समस्याओं, सरकार की नीतियों और राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर चर्चा करते हैं। लेकिन जब संसद लगातार हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ जाती है, तो सबसे अधिक नुकसान लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की अपेक्षाओं का होता है।संसद लगातार हंगामे: बहस की जगह हंगामानीट परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई जैसे विषय निश्चित रूप से गंभीर हैं। देश के लाखों छात्रों और उनके परिवारों की भावनाएं इन मुद्दों से जुड़ी हैं। ऐसे मामलों…

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ब्रह्मर्षि विकास मंच: समाज का मंच या गुटबाजी का अखाड़ा? पत्रकार लेखक देवानंद सिंह ने भी धृतराष्ट्र की भूमिका निभाई देवानंद सिंह “जो समाज की पीड़ा से कभी सरोकार नहीं रखता, उस मंच को मैं मंच नहीं मानता। जो जनहित की आवाज़ न बन सके, उस दरबार को दरबार नहीं मानता।” किसी भी सामाजिक संगठन की पहचान उसके नाम से नहीं, बल्कि उसके कार्यों से होती है। यदि संगठन समाज के हित, शिक्षा, युवाओं के भविष्य और सामाजिक एकता जैसे मूल उद्देश्यों से भटककर व्यक्तिगत वर्चस्व, गुटबाजी और पद की राजनीति में उलझ जाए, तो उसकी विश्वसनीयता स्वतः प्रश्नों…

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लेखक: देवानंद सिंहनई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान छात्रों के भविष्य से जुड़े कथित पेपर लीक मामले ने राष्ट्रीय राजनीति को गरमा दिया है। प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस के धरने और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं की हिरासत ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक ओर विपक्ष इसे छात्रों के न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों का सवाल बताकर प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार होने का दावा करते हुए विरोध के तरीके को अनुचित ठहरा रही है। इस…

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लेखक: देवानंद सिंहसंसद के मानसून सत्र के बीच छात्रों से जुड़े मुद्दों, कथित पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस का धरना तथा राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया जाना राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा घटनाक्रम बन गया है। कांग्रेस ने इसे छात्रों के न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों का सवाल बताते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि वह नीट और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है तथा विरोध का स्थान और तरीका…

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