लेखक: ललित गर्गविक्रम-1भारत ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टि और नवाचार का संगम हो तो आकाश भी सीमा नहीं, बल्कि संभावनाओं का प्रारंभ बन जाता है। भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था और विज्ञान-प्रधान भविष्य की ओर बढ़ते राष्ट्र का एक नया घोषणापत्र है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ‘मिशन आगमन’ के अंतर्गत हुई यह ऐतिहासिक उड़ान भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में एक ऐसे स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जिसने यह…
Author: Devanand Singh
लेखक: महेन्द्र तिवारीभारत ने अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के साथ रेल परिवहन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह सेवा केवल एक नई ट्रेन का परिचालन नहीं है, बल्कि भारतीय रेलवे के ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयोग भी है।हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीकी खासियतनमो ग्रीन रेल नामक इस ट्रेन का निर्माण भारतीय रेलवे की चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के आधार पर किया है। इस ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार और आठ यात्री कोच लगाए गए हैं, जो एक साथ लगभग 2600 यात्रियों को सुरक्षित ले जाने…
लेखक: इंद्र यादवआजकल अफवाहें जंगल की आग की तरह सोशल मीडिया पर फैल रही हैं, जिससे समाज में भ्रम और अविश्वास का माहौल बन रहा है। हमारे पास उंगलियों के एक क्लिक पर जानकारी है, लेकिन विवेक की कमी आज पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक स्तर पर है। “सुनी-सुनाई बातों पर यकीन मत कीजिए”—यह सिर्फ एक कहावत नहीं, आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत है।अफवाहें जंगल की आग: एक गंभीर खतरातीन पहलू: सच का कड़वा गणितजब भी कोई विवाद या बात सामने आती है, तो हम अक्सर ‘पक्ष’ चुन लेते हैं। लेकिन सच्चाई तीन हिस्सों में बंटी होती है:आपका…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को यूरोप के तीन देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना हुईं, जिसका उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी और जनता के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करना है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा का विवरणनयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ करने तथा लोगों के बीच पारस्परिक संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया की यात्रा पर रवाना हुईं।मुर्मू की यात्रा का पहला चरण सोमवार से मोल्दोवा से शुरू होगा। यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी।राष्ट्रपति भवन ने…
लेखक: इंद्र यादवअफवाहें: सोशल मीडिया पर फैलता जहरइंद्र यादव/मुंबई/आजकल सोशल मीडिया के युग में अफवाहें जंगल की आग की तरह फैल रही हैं। हमारे पास उंगलियों के एक क्लिक पर जानकारी है, लेकिन विवेक की कमी आज पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक स्तर पर है। “सुनी-सुनाई बातों पर यकीन मत कीजिए”—यह सिर्फ एक कहावत नहीं, आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत है।तीन पहलू: सच का कड़वा गणितजब भी कोई विवाद या बात सामने आती है, तो हम अक्सर ‘पक्ष’ चुन लेते हैं। लेकिन सच्चाई तीन हिस्सों में बंटी होती है:आपका पक्ष: वह चश्मा जिससे आप दुनिया को देखते हैं।उनका…
लेखक: ललित गर्गसंसद का मानसून सत्रभारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा बल उसकी संसद है। यही वह मंच है जहां देश की आकांक्षाएं, समस्याएं और भविष्य की दिशा तय होती है। संसद केवल कानून बनाने का स्थान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श, जवाबदेही और जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का सर्वाेच्च मंच है। ऐसे में 20 जुलाई से प्रारंभ हो रहा संसद का मानसून सत्र केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की परिपक्वता की नई परीक्षा भी है। देश की जनता की अपेक्षा है कि यह सत्र शोर-शराबे, आरोप-प्रत्यारोप और गतिरोध का नहीं, बल्कि सार्थक संवाद, गंभीर बहस और ठोस निर्णयों का सत्र…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को यूरोप के तीन देशों मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया की ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हुईं। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ करना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मोल्दोवा यात्रा का पहला चरण नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ करने तथा लोगों के बीच पारस्परिक संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया की यात्रा पर रवाना हुईं। मुर्मू की यात्रा का पहला चरण सोमवार से मोल्दोवा से शुरू होगा। यह…
लेखक: ललित गर्गसंसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है, जिसमें हंगामे के बजाय समाधान पर जोर देने की अपील की गई है।संसद का मानसून सत्र: चुनौतियां और अपेक्षाएंभारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा बल उसकी संसद है। यही वह मंच है जहां देश की आकांक्षाएं, समस्याएं और भविष्य की दिशा तय होती है। संसद केवल कानून बनाने का स्थान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श, जवाबदेही और जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का सर्वोच्च मंच है। ऐसे में 20 जुलाई से प्रारंभ हो रहा संसद का मानसून सत्र केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की परिपक्वता की नई परीक्षा भी…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को यूरोप के तीन महत्वपूर्ण देशों मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा आरंभ की, जिसका उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी और जनता के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा का पहला चरण: मोल्दोवा नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ करने तथा लोगों के बीच पारस्परिक संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को मोल्दोवा, उत्तरी मकदूनिया और रोमानिया की यात्रा पर रवाना हुईं। मुर्मू की यात्रा का पहला चरण सोमवार से मोल्दोवा से शुरू होगा।…
लेखक: सोनम चौधरीसफलता केवल एक शब्द नहीं होती, यह वर्षों के त्याग, अनगिनत असफलताओं, अधूरी नींद, टूटते हौसलों और फिर भी आगे बढ़ते कदमों की कहानी होती है। हर व्यक्ति के लिए सफलता का अर्थ अलग होता है, लेकिन उसे पाने का संघर्ष कभी आसान नहीं होता।किसी मंज़िल की चाहत आखिर इतनी गहरी क्यों होती है? क्यों हर दिन उसी का ख़याल मन में आता है? शायद इसलिए कि कुछ सपने केवल करियर नहीं होते, वे आत्मसम्मान, पहचान और अपने अस्तित्व से जुड़े होते हैं।जो उस मुकाम तक पहुँच चुके हैं, उनकी जुबान पर सफलता की कहानी होती है। जो…
