कोल्हान में कथित अवैध लॉटरी नेटवर्क पर सवाल, डिजिटल लेन-देन से कारोबार चलने का आरोप
*जमशेदपुर से चाईबासा और सरायकेला तक नेटवर्क की चर्चा, मुख्य संचालकों व यूपीआई खातों की जांच की मांग*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, जादूगोड़ा
कोल्हान प्रमंडल में कथित अवैध लॉटरी कारोबार को लेकर चिंता बढ़ रही है। जमशेदपुर, चाईबासा, चक्रधरपुर और सरायकेला-खरसावां के विभिन्न इलाकों में इसके नेटवर्क के सक्रिय होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। दावा है कि मोबाइल, व्हाट्सऐप और यूपीआई भुगतान के जरिए इस कारोबार का संचालन किया जा रहा है। बिहार से जुड़े कथित झुनझुनवाला सिंडिकेट की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, कथित नेटवर्क में एजेंटों के माध्यम से लोगों तक लॉटरी के नंबर पहुंचाए जाते हैं और गूगल पे व फोनपे जैसे डिजिटल माध्यमों से रकम जमा कराई जाती है।
*छोटी रकम के लालच में बड़ा नुकसान*
इस तरह के कारोबार में दिहाड़ी मजदूरों, ऑटो चालकों, छोटे दुकानदारों और मध्यमवर्गीय परिवारों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। कम रकम लगाकर अधिक कमाई की उम्मीद में लोग बार-बार पैसे लगाते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान और कर्ज का बोझ बढ़ सकता है।
*मुख्य नेटवर्क की जांच की मांग*
स्थानीय स्तर पर लोगों ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों, यूपीआई आईडी और संबंधित बैंक खातों की जांच करने की मांग की है। साथ ही, कथित नेटवर्क के संचालकों और बिहार से उसके संभावित संपर्कों की पड़ताल करने की अपील की गई है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि छोटे एजेंटों तक कार्रवाई सीमित रह जाती है और बड़े संचालकों तक जांच नहीं पहुंचती।
पुलिस अधिकारियों की ओर से शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने और साइबर सेल की मदद से नेटवर्क का पता लगाने की बात कही गई है। हालांकि, किसी विशिष्ट सिंडिकेट की संलिप्तता, कारोबार के वास्तविक पैमाने और संबंधित खातों के इस्तेमाल की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

