नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 20 अक्टूबर मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित किया. अपने संबोधन में श्री मोदी ने कोरोना पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि देश में लॉकडाउन खत्म हुआ है, कोरोना नहीं. जब तक कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक सावधानी ही सुरक्षा है. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जनता कर्फ्यू से लेकर आज तक हम सभी भारतीयों ने एक बहुत लंबा सफर तय किया है. समय के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी धीरे-धीरे तेजी नजर आ रही है. हम में से अधिकांश लोग, अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए, फिर से जीवन को गति देने के लिए, रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं. त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है.
पीएम मोदी ने कहा कि एक कठिन समय से निकलकर हम आगे बढ़ रहे हैं. थोड़ी सी लापरवाही हमारी गति को रोक सकती है, हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है. जीवन की जिम्मेदारियों को निभाना और सतर्कता ये दोनों साथ-साथ चलेंगे, तभी जीवन में खुशियां बनी रहेंगी. मैं आज मीडिया और सोशल मीडिया के साथियों से कहना चाहता हूं कि आप जागरूकता लाने के लिए इन नियमों का पालन करने के लिए जितना जन-जागरण अभियान करेंगे. ये आपकी तरफ से देश की बहुत बड़ी सेवा होगी.
कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है. ये ठीक नहीं है. अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को, बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं.
लॉकडाउन गया, कोरोना नहीं, हमें मिलकर निपटना है
पीएम मोदी ने कहा कि हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है. बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगडऩे नहीं देना है और अधिक सुधार करना है. आज देश में रिकवरी रेट अच्छी है. दुनिया के साधन-संपन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है.
कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टेस्ट की बढ़ती संख्या हमारी एक बड़ी ताकत रही है. सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर्स, नर्स इतनी बड़ी आबादी की नि:स्वार्थ सेवा कर रहे हैं. इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है. ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है.

