जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी हिरासत में लिये गए
नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। आयोजकों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने इस प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी।
अधिकारी ने कहा, “कोई आवेदन जमा नहीं किया गया था और न ही कोई अनुमति ली गई थी। उन्हें मौके से हटाया जा रहा है।”
प्रदर्शन का आयोजन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की दिल्ली इकाई और अन्य सामाजिक संगठनों के सदस्यों द्वारा किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने “ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो” के नारे लगाए और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के कामकाज में कई खामियां एवं विसंगतियां हैं।
आयोजकों ने बताया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और ‘आइसा’ की अध्यक्ष नेहा समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आइसा ने बताया कि पुलिस बाद में नेहा को कंझावला थाने ले गई।
थाने से जारी एक वीडियो संदेश में नेहा ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग से जवाबदेही मांगने पर पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
नेहा ने कहा, “संविधान हमें लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है और हम जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने गए थे। भले ही आज हमें हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन हम कल फिर आएंगे, परसों फिर आएंगे। देश की सड़कों पर तब तक आंदोलन होगा जब तक कि कुमार को जेल नहीं भेजा जाता, एसआईआर की प्रक्रिया नहीं रोकी जाती और जिन मतदाताओं के नाम अवैध व असंवैधानिक रूप से हटाए गए हैं, उनके वोट देने का अधिकार बहाल नहीं कर दिया जाता।”
दीपांकर भट्टाचार्य ने एक अलग बयान जारी कर आरोप लगाया कि हिरासत में लेते वक्त पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से धक्का-मुक्की की। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन स्थल पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नाम क्यों नहीं लिखे थे।
भट्टाचार्य ने कहा, “ज्ञानेश को वोटों की चोरी करते रंगे हाथों पकड़ा गया है। अब जब उनके इस्तीफे की मांग उठ रही है, तो उन्हें मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनाने वाले मोदी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) और शाह (गृह मंत्री अमित शाह) ने प्रदर्शन को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस को आगे कर दिया है। सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।”
इस विरोध-प्रदर्शन में कई कार्यकर्ताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने हिस्सा लिया।
आयोजकों के अनुसार, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक हालिया खबर के बाद आइसा की दिल्ली इकाई द्वारा यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।
आयोजकों ने हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की और कहा कि वे चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने के लिए अपनी आवाज आगे भी उठाते रहेंगे।

