राष्ट्र संवाद संवाददाता
विश्व पर्यावरण दिवस के दिन ही राखा कॉपर क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि साउथ वेस्ट माइनिंग कंपनी द्वारा यहां सैकड़ों हरे-भरे पेड़ काट दिए गए। इससे नाराज ऊपर रु वाम गांव के ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि 5 जून को पूरी दुनिया पर्यावरण बचाने का संकल्प ले रही थी, वहीं कंपनी ने दिनदहाड़े दर्जनों साल पुराने पेड़ों पर आरी चलवा दी। कटे गए पेड़ों में आम, महुआ, नीम और पीपल जैसे छायादार व फलदार पेड़ शामिल हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी बिना अनुमति के वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई कर रही है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
*प्रशासन से कार्रवाई की मांग*
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि पेड़ कटने से गांव का तापमान बढ़ेगा और बारिश भी प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कटे पेड़ों के बदले दोगुने पेड़ लगाने की शर्त भी रखी है।
ग्राम प्रधान मुंडा मुर्मू ने बताया कि कंपनी के द्वारा बिना किसी ग्राम सभा और जानकारी ग्रामीणों को दिए हुए यहां पर पेड़ कटाई किया जा रहा है साथ ही साथ बाहरी मजदूर को लाकर यहां काम करवाया जा स्थानीय मजदूर को रोजगार नहीं दिया जा रहा है ग्रामीणों को किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी जा रही है कंपनी के कार्यशाली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। |
इस अवसर पर गांव के सैकड़ो लोग शामिल थे महिला पुरुष सभी लोग भारी नाराजगी व्यक्त कर रहे थे ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के द्वारा आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह से प्रदूषित किया जा रहा है लोग बीमार पड़ रहे हैं।
कंपनी के अधिकारी पांडेय जी ने कहा कि कंपनी के द्वारा परमिशन लेकर ही पेड़ काटा जा रहा है वन विभाग से आदेश लेने का कोई जरूरत नहीं है और ग्राम प्रधान की आपसी तालमेल में कमी के कारण परेशानी हे।

