राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड का प्रसिद्ध आस्था स्थल मां रंकिनी मंदिर ठेकेदार की लापरवाही की भेंट चढ़ता दिख रहा है। मंदिर की चारदीवारी निर्माण के नाम पर खोदे गए गहरे गड्ढे 4 महीने से खुले पड़े हैं। काम की धीमी रफ्तार से मंदिर परिसर धंसने की कगार पर पहुंच गया है।
तस्वीर बयां कर रही हकीकत
मौके की तस्वीर साफ दिखाती है कि मंदिर के ठीक सामने में नींव के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। सरिया और बांस-बल्लियां बिखरी पड़ी हैं। पास में ही पूजा सामग्री और कचरे का अंबार लगा है। बारिश का पानी गड्ढों में भरने से मिट्टी लगातार कमजोर हो रही है।
– *4 महीने से बंद है काम*: स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार ने जनवरी में गड्ढे खोदे थे। उसके बाद से काम लगभग ठप है। साइट पर कोई मजदूर नजर नहीं आ रहा।
– *धंस सकता है मंदिर का हिस्सा*: गड्ढे मंदिर की पुरानी दीवार से सटे हैं। लगातार नमी से दीवार में दरारें आने लगी हैं। लोगों को डर है कि तेज बारिश में पूरी दीवार धंस जाएगी।
नवरात्रि में यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं। खुले गड्ढे और कचरे से अव्यवस्था फैली है। बच्चों और बुजुर्गों के गिरने का खतरा बना हुआ है।
– *प्रशासन बेखबर*: मंदिर समिति का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी विभाग के अधिकारी सुध लेने नहीं आए। ठे
क्या कहते हैं भक्त
स्थानीय श्रद्धालु सुनील कुमार भकत ने कहा, “मां रंकिनी हम सबकी रक्षक हैं। लेकिन ठेकेदार ने मंदिर को ही खतरे में डाल दिया। अगर समय रहते काम पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।”
पोटका के विधायक संजीव सरदार के द्वारा नवंबर 2024 में 19 करोड़ की लागत से मंदिर के सौंदर्य करण के काम का शिलान्यास किया गया था।
काम की धीमी गति से मंदिर कमेटी और पुजारी में भारी नाराजगी है ठेकेदार के द्वारा काफी धीमी काम और कम गुणवत्तापूर्ण काम करने की शिकायत उपायुक्त से भी की गई है।
मंदिर के पुजारियों ने भी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा है कि काम काफी धीमी गति से किया जा रहा है बरसात में चार दिवारी गिरने का खतरा बना हुआ है कई बार ठेकेदार को काम की गति को बढ़ाने का मांग किया गया है लेकिन लेकिन ठेकेदार के द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जाती है।

