राष्ट्र संवाद संवाददाता
भीषण गर्मी के बीच पोटका प्रखंड की डोमजूड़ी पंचायत में ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए मुखिया अनीता मुर्मू ने विशेष पहल शुरू की है। पंचायत क्षेत्र के खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
मुखिया अनीता मुर्मू ने बताया कि 15वें वित्त आयोग की राशि से पंचायत के विभिन्न गांवों में खराब चापाकलों की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। अब तक डूंगरीडीह, बारेडीह और खुर्शी गांव में कुल 13 चापाकलों की मरम्मत कर उन्हें उपयोग योग्य बनाया जा चुका है। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि पंचायत में जहां-जहां पेयजल की अधिक समस्या है, वहां प्राथमिकता के आधार पर खराब चापाकलों की पहचान कर मरम्मत कराई जा रही है। आने वाले दिनों में अन्य जरूरतमंद क्षेत्रों में भी यह अभियान जारी रहेगा।
ज्ञात हो कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा स्थापित कई जलमीनार लंबे समय से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा इनकी समय पर मरम्मत नहीं कराए जाने के कारण पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसे में पंचायत स्तर पर चापाकलों की मरम्मत ग्रामीणों के लिए राहत का कार्य साबित हो रहा है।
इस मरम्मत अभियान को सफल बनाने में जल सहिया सरिता सोरेन, दांगी टुडू तथा वार्ड सदस्य अंजली मुर्मू सक्रिय सहयोग कर रही हैं। पंचायतवासियों ने मुखिया की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

