राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा: यूसीआईएल के तुरामडीह, नरवा पहाड़ और जादूगोड़ा अस्पतालों की बदहाल स्थिति को लेकर जादूगोड़ा लेबर यूनियन ने कड़ी नाराजगी जताई है। यूनियन के महासचिव सुरजीत कुमार सिंह ने डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की खराब स्थिति को लेकर सीएमडी को त्राहिमाम पत्र भेजा है।
पत्र में बताया गया है कि तुरामडीह और नरवा पहाड़ अस्पतालों में वर्तमान में केवल तीन-तीन डॉक्टर ही कार्यरत हैं, जिससे मरीजों को लंबी कतारों, इलाज में देरी और मेडिकल बिल निपटान में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने कहा कि इन अस्पतालों को केवल ओपीडी के रूप में देखना जमीनी हकीकत के विपरीत है, क्योंकि यहां बड़े कार्यबल को 24 घंटे चिकित्सा सुविधा की जरूरत होती है।

वहीं जादूगोड़ा अस्पताल में भी डॉक्टरों की संख्या 15 से घटकर 7 रह गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। इसके अलावा दवा आपूर्ति में भी भारी अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी ‘के के फार्मा’ भुगतान के बावजूद समय पर दवाइयों की आपूर्ति नहीं कर पा रही, जिससे खासकर पूर्व कर्मियों को बार-बार अस्पताल आकर लौटना पड़ रहा है।
यूनियन ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। इस संबंध में यूसीआईएल अस्पताल के सीएमओ डॉ. एसडीएन शर्मा ने कहा कि दवा आपूर्ति में लापरवाही पर कंपनी को नोटिस दिया गया है और स्थिति में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
यूनियन ने डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने और चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने की मांग करते हुए कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।

