राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा: यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के जादूगोड़ा, नरवा पहाड़ और भाटिन माइंस क्षेत्रों में लगातार हड़ताल और औद्योगिक असंतोष से उत्पादन प्रभावित होने की चर्चा तेज है। बीते महीनों में ठेका मजदूरों और कर्मचारियों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर बार-बार कार्य बहिष्कार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में जादूगोड़ा में कई दिनों तक हड़ताल हुई, वहीं नरवा पहाड़ में विस्थापितों ने 13 दिनों तक काम ठप रखा। भाटिन माइंस में भी वेतन और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल हुई। इससे उत्पादन लक्ष्य पर असर पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक 600–700 टन के लक्ष्य के मुकाबले 400 टन उत्पादन भी पूरा नहीं हो सका।
मजदूर संगठनों का आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही और वादाखिलाफी के कारण असंतोष बढ़ रहा है। विशेष रूप से कार्मिक अधिकारी राकेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके और यूनियन के बीच तालमेल की कमी से हालात बिगड़े हैं।
यूनियन ने मेडिकल सुविधा, भत्ता, जर्जर क्वार्टर और सुरक्षा उपकरणों की कमी जैसे मुद्दे उठाते हुए कार्मिक विभाग में बदलाव की मांग की है। हालांकि इस मामले में प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लगातार हड़ताल से कंपनी के लिए उत्पादन और प्रबंधन दोनों स्तर पर चुनौती बढ़ती जा रही

