वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ निकली भव्य हिंदू नववर्ष यात्रा, डिमना से सुभाष मैदान तक उमड़ा जनसैलाब
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर शहर में भव्य हिंदू नववर्ष यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा की शुरुआत डिमना स्थित एमजीएम मैदान से संतों और पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। संस्थापक श्री मृत्युंजय जी के नेतृत्व में निकली इस विशाल यात्रा को शहर की विभिन्न समितियों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।

“भारत का बच्चा-बच्चा जय श्रीराम बोलेगा” जैसे नारों और भक्तिमय गीतों से पूरा जमशेदपुर राममय हो उठा। लगभग 10 किलोमीटर लंबी इस शोभायात्रा में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।

यात्रा में महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे के नाती श्री विनायक राव टोपे विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने भारत माता की आरती में भाग लेते हुए कहा कि यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उनका स्वागत यात्रा के संरक्षक श्री रामबाबू तिवारी द्वारा भगवा अंगवस्त्र ओढ़ाकर किया गया।

संस्थापक श्री मृत्युंजय जी ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए हिंदू नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही सृष्टि की शुरुआत मानी जाती है, इसी दिन सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत की स्थापना की और यही नवरात्र का प्रथम दिन भी है। उन्होंने सभी सनातनियों से अपने घरों पर भगवा ध्वज लगाने और नववर्ष को उत्साहपूर्वक मनाने का आह्वान किया।

यात्रा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति और धर्म से जोड़ने का कार्य करते हैं। वहीं अध्यक्ष सर्वजीत तिवारी ने जय श्रीराम के जयकारों के साथ युवाओं में उत्साह का संचार किया।
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने अपने संबोधन में भगवान बिरसा मुंडा, महाराणा प्रताप और डॉ. हेडगेवार जैसे महापुरुषों का स्मरण करते हुए युवाओं में जोश भरा। मानगो की मेयर सुधा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भी पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा में भाग लेकर नारी शक्ति का परिचय दिया।
यात्रा के दौरान मानगो खुदीराम बोस चौक पर शहीद खुदीराम बोस, डिमना चौक पर तिलका मांझी तथा अन्य स्थानों पर बाबा भीमराव अंबेडकर को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
यात्रा में प्रभु श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। हर हाथ में लहराते भगवा ध्वज और 21 डीजे पर बजते भक्तिमय गीतों ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया।
शाम 4 बजे शुरू हुई यह यात्रा करीब 5 घंटे बाद साकची स्थित सुभाष मैदान पहुंची, जहां 21 फीट ऊंचे भारत माता के चित्र की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अंत में यात्रा के संरक्षक उपेंद्र सिंह मस्तान ने सभी श्रद्धालुओं को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए प्रशासन और जनसहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

