राष्ट्र संवाद संवाददाता
गम्हरिया।ईरान-इराक में जारी युद्ध के कारण रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एलपीजी की आपूर्ति कम होने का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों पर भी पड़ता दिख रहा है। एक ओर जहाँ घरेलू गैस के लिए लोग गोदामों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हैं, औद्योगिक क्षेत्र की हजारों कंपनियों स्थिति भी चिंताजनक होने लगी है। इसका सीधा असर औद्योगिक क्षेत्र की एक हजार से अधिक कंपनियों पर पड़ रहा है जिससे वह बंद होने की स्थिति में है। वहीं, सैकड़ों लघु कंपनियों में छुट्टी घोषित कर दिया गया है जिससे सैकड़ों मजदूर बेरोजगार होकर सड़क पर आ गए हैं। गम्हरिया व आसपास के क्षेत्रों में गैस गोदाम तथा अन्य वितरण स्थलों पर हजारों लोगों की प्रतिदिन भीड़ लग रही है। प्रात: चार बजे से ही वहां लोगों की कतारें लग जाती है। यही स्थिति क्षेत्र के होटलों की भी है। कई होटल तो बंद कर दिया है जबकि कई होटल संचालक वैकल्पिक व्यवस्था कर फिलहाल किसी प्रकार होटल संचालन करने पर विवश है। इससे उनके समक्ष भी रोजी रोटी की गंभीर समस्या उठ खड़ी हुई है। इसी प्रकार, कई कंपनियों में कैंटीन को बंद कर दिया गया है तो कई कंपनियों में कामगारों के लिए बनने वाले खाना में कटौती की गई है। गैस की बुकिंग ऑनलाइन नहीं होने से लोगों को और अधिक परेशानियां झेलनी पड़ रही है । वहीं, इस बीच गैस एजेंसी के संचालक ने इसे भ्रामक बताया है। इस संबंध में गम्हरिया स्थित केपी इंडेन के संचालक कालीपदो सोरेन ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त संख्या में रसोई गैस उपलब्ध है। एजेंसी की गाड़ियां भी लोगों के घरों तक सिलेंडर पहुंचा रही है। इसके बावजूद पूर्व में तीन तीन माह तक सिलेंडर नहीं भराने वाले उपभोक्ता भी अनावश्यक रूप से अपने अपने घरों में इसे स्टॉक कर रहे हैं। साथ ही भ्रामक खबर से घबराकर लोग बेवजह लाइन में खड़े हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि आवश्यकता से अधिक लोगों द्वारा ऑनलाइन बुकिंग किए जाने से सर्वर स्लो हो गया है। इसके लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। सोरेन ने उपभोक्ताओं से अपने कार्ड लेकर एजेंसी कार्यालय में जमा कर अपना बुकिंग सुनिश्चित कराने की अपील किया है ताकि उन्हें आसानी से सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके।

