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    न्यायालय के आदेश के खिलाफ बंद पड़ी इनकैब (केबल कंपनी) के नाराज कर्मचारी अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने की तैयारी में हैं

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarDecember 9, 2025No Comments2 Mins Read
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    न्यायालय के आदेश के खिलाफ बंद पड़ी इनकैब (केबल कंपनी) के नाराज कर्मचारी अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने की तैयारी में हैं

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर कर्मचारियों ने निर्णय लिया है कि वे केबल कंपनी को वेदांता जैसी बड़ी कंपनी को सौंपने के फैसले को चुनौती देंगे. आपको बता दें कि विश्व स्तरीय केबल निर्माण कंपनी इनकैब पिछले तीन दशक से बंद पड़ी है. कंपनी से संबंधित मामला वायफर के एनसीएलटी न्यायालय में विचाराधीन था, जिसमें टाटा स्टील, वेदांता समेत कई बड़ी कंपनियों ने इनकैब को संचालित करने के लिए दावा प्रस्तुत किया था. कर्मचारियों को उम्मीद थी कि न्यायालय मजदूर हित में फैसला देगा, मगर आदेश वेदांता के पक्ष में आया. फैसले में कर्मचारियों को उनके बकाये का मात्र छह प्रतिशत देने की बात कही गई, जिससे कर्मचारी बेहद नाराज़ हैं. इसी के विरोध में मंगलवार को केबल संघर्ष समिति की बैठक बुलाई गई, जिसमें मजदूर नेताओं और कर्मचारियों ने साफ कहा कि न्यायालय का निर्णय मजदूरों के हित में नहीं है. इसलिए इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. समिति के नेताओं का कहना है कि 25 वर्षों से बंद पड़े इस संस्थान में अब भी कई कर्मचारी क्वार्टरों में रह रहे हैं और बेहद खराब आर्थिक स्थिति में जीवन बिता रहे हैं. वे उम्मीद में थे कि कंपनी दोबारा खुलेगी, लेकिन वर्तमान फैसले ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. नेताओं का कहना है कि वे न्यायालय से नाराज़ नहीं हैं, लेकिन फैसला गलत है. 25 वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद भी मजदूरों के अधिकार छीनने नहीं दिए जाएंगे. समिति का आरोप है कि फैसले को संभवत: प्रभावित किया गया होगा, क्योंकि इसमें मजदूरों के पक्ष को अनदेखा किया गया है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या मजदूरों की एकजुटता और संघर्ष उन्हें सुप्रीम कोर्ट से न्याय दिलाएगा या फिर न्यायालय के आदेश के अनुसार वेदांता ही कंपनी का संचालन करेगी.

    न्यायालय के आदेश के खिलाफ बंद पड़ी इनकैब (केबल कंपनी) के नाराज कर्मचारी अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने की तैयारी में हैं
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