कैलाश नगर में शासकीय भूमि को बचाने हेतु अनिश्चितकालीन धरने की जानकारी,भूमाफियाओं से परेशान लोग
राष्ट्र संवाद ब्यूरो कमाल अहमद
भिलाई:-कैलाश नगर मानसरोवर मंदिर के समीप खसरा क्रमांक 1591,1592 एवं 1593 जो कि विगत कई वर्षों से खाली थी तथा भू अभिलेख में शासकीय भूमि दर्ज है में वर्ष 2023 में मोहल्लेवासियों की मांग पर पार्षद नेहा साहू द्वारा नगर निगम भिलाई के माध्यम से सामुदायिक भवन निर्माण हेतु निविदा जारी की गई थी। वर्ष 2023 में ही राज्य शासन बदलने के कारण उक्त निविदा को निरस्त कर दिया गया। यह भूमि मोहल्ले के बीच एवं मंदिर के समीप होने के कारण लगातार सामुदायिक भवन की मांग निविदा निरस्त होने के बाद भी मोहल्लेवासियों द्वारा पार्षद एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से की जा रही थी। जगह खाली होने के कारण कई भू माफिया लगातार इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे तभी आशा वैष्णव पिता स्व. विष्णु दास वैष्णव द्वारा अपने निजी खसरे 1588 तथा 1590/1 का सीमांकन शासकीय भूमि पर करवाने का प्रयास किया गया जिस पर स्थल पंचनामा में मोहल्लेवासियों एवं पार्षद ने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई क्योंकि बिना रजिस्ट्री के मूल दस्तावेज के शासकीय भूमि पर सीमांकन किया जा रहा था।
लगातार शासकीय भूमि पर हो रहे कब्जे के प्रयास की शिकायत स्थानीय मोहल्लेवासियों द्वारा पार्षद नेहा साहू से की गई जिस पर संज्ञान लेते हुए शासकीय भूमि को संरक्षित करने हेतु भूमि का सीमांकन का आग्रह नगर निगम भिलाई आयुक्त एवं अतिरिक्त तहसीलदार भिलाई को किया गया। जिस पर आयुक्त भिलाई द्वारा अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग को पत्राचार किया गया जिसके पश्चात राजस्व प्रकरण दर्ज कर टीम गठित की गई एवं सीमांकन प्रक्रिया प्रारंभ की गई, चूंकि जगह 10 एकड़ से 24.04.25 को प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई। ऊपर होने के कारण तथा भू माफियाओं द्वारा हस्तक्षेप के कारण दो बार दिनांक 27.02.25 एवं
की मांग की गई तत्पश्चात प्रकरण विगत 7 महीनों से लंबित रहा। दिनांक 24.04.25 को आशा वैष्णव द्वारा शासकीय भूमि के सीमांकन पर आपत्ति दर्ज कर इसे रोकने
दिनांक 18 नवंबर 25 को सुनील कश्यप व अन्य भू माफिया द्वारा खाली संपूर्ण शासकीय भूमि पर पोल, प्री कास्ट दीवार एवं कैमरा लगाकर कब्जा कर लिया गया जिस पर मोहल्लेवासियों द्वारा आपत्ति की गई और शासकीय भूमि के लंबित प्रकरण के पूर्ण होने तक कब्जा नहीं करने को कहा गया पर सुनील में हो गया था। (इसी सीमांकन पर मोहल्लेवासियों द्वारा आपत्ति की गई थी) कश्यप द्वारा बताया गया कि यह भूमि मैने आशा वैष्णव से खरीद ली है जिसका सीमांकन वर्ष 2024दिनांक 18.11.25 को शासकीय भूमि पर कब्जा होने की शिकायत पार्षद नेहा साहू द्वारा नगर निगम आयुक्त, अतिरिक्त तहसीलदार भिलाई, अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग तथा जिलाधीश महोदय को दी गई। लगातार संज्ञान देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई एवं भू माफियाओं द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध प्लॉटिंग प्रारंभ कर दी गई थी, जिस कारण दिनांक 01.12.25 को सभी मोहल्लेवासियों के साथ पार्षद नेहा साहू शासकीय भूमि के सीमांकन के लिए धरने में बैठ गई।
दिनांक 01दिसंबर 25 को ही तहसीलदार भिलाई द्वारा आशा वैष्णव को काम रोकने का तथा शासकीय भूमि के सीमांकन का आदेश जारी किया गया। दो दिवसीय सीमांकन प्रक्रिया के बाद कब्जा की गई भूमि में से 80% शासकीय भूमि पाई गई।

