कुंडहित प्रखंड से मानवता की मिसाल, मुस्ताक शेख बने मददगार
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा: जिला के कुंडहित प्रखंड से मानवता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने समाज में फैले जात–पात और ऊँच–नीच के भेदभाव पर करारा तमाचा मारा है। टीएमसी के जिला अध्यक्ष मुस्ताक शेख ने एक ऐसा कार्य किया, जिसने यह साबित कर दिया कि इंसानियत सबसे बड़ी पहचान है।
घटना देर रात की है। जानकारी के अनुसार अंबा के एक निजी डॉक्टर बलराम घोड़य का निधन हो गया था। दुखद परिस्थिति में उनका शव घर पहुँचाने के लिए कोई भी वाहन चालक तैयार नहीं था। समाज में व्याप्त संकीर्ण सोच के कारण लोग दूरी बना रहे थे। यहाँ तक कि ममता वाहन भी उन्हें अपने वाहन में लेने को तैयार नहीं हुआ।
मुस्ताक बताते है इसी बीच समाजसेवी समशुल हक ने रात के 1:25 बजे मुस्ताक शेख को फोन पर स्थिति से अवगत कराया। मुस्ताक शेख ने बिना देर किए पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ली। उन्होंने तुरंत वाहन लेकर कुंडहित स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे और बिना किसी भेदभाव, बिना किसी हिचकिचाहट के मृतक बलराम घोड़य के शव को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुँचाया।
मुस्ताक शेख ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, धर्म या पेशे से नहीं, बल्कि इंसानियत से होती है। उन्होंने यह भी बताया कि कठिन परिस्थिति में मदद करना ही वास्तविक सामाजिक दायित्व है।
मुस्ताक शेख का यह कदम समाज के उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो भेदभाव की सोच रखते हैं। उनका मानवीय व्यवहार यह संदेश देता है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है और जरूरतमंद की मदद करना किसी भी पद, वेश या पहचान से ऊपर है।
कुंडहित प्रखंड ही नहीं, पूरा जामताड़ा जिला मुस्ताक शेख की इस सेवा भावना की सराहना कर रहा है। उनका यह कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम बनकर उभरा है।

