“जादूगोड़ा में साइबर माफिया पर पुलिस का शिकंजा, तीन की जमानत खारिज”
“पोस्ट ऑफिस घोटाले से साइबर ठगी तक, कपिल भगत की मुश्किलें बढ़ीं”
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के कोकदा गांव, जो साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के रूप में कुख्यात हो चुका है, में पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जादूगोड़ा पुलिस ने कपिल भगत, गिरधारी भगत और केशव चंद्र भगत को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इनकी जमानत अर्जी एसीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी है।

गिरफ्तारी कांड संख्या 44/25, दिनांक 04.08.2025, के तहत हुई थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राखामाइन्स स्टेशन प्लेटफॉर्म पर कुछ युवक टेलीग्राम, व्हाट्सएप और गूगल रिव्यू/रेटिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। डीएसपी मुसाबनी संदीप कुमार भगत के नेतृत्व में छापेमारी कर तीनों युवकों को पकड़ा गया। मौके से एक iPhone, दो अन्य मोबाइल फोन और पाँच बैंकों की पासबुक बरामद की गईं।

तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि ये युवक लंबे समय से विभिन्न राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। इनके पास कई बैंक अकाउंट, डिजिटल वॉलेट और UPI आईडी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने में किया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक, कोकदा गांव में इससे पहले भी कई युवक साइबर ठगी के मामलों में जेल भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा, गाजियाबाद, पटना और अन्य शहरों से नोटिस भी कई संदिग्ध युवकों को भेजे गए हैं।

साइबर अपराध पर शिकंजा कसने के लिए डीजीपी स्तर से लगातार निर्देश जारी हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारी संभव है। कोकदा गांव साइबर अपराधियों की गतिविधियों के चलते अब “मिनी जामताड़ा” के नाम से कुख्यात हो चुका है।

