70 मेधावी युवाओं ने की संसदीय अध्ययन यात्रा
राजेश कुमार,खोदावंदपुर/बेगूसराय। राष्ट्र निर्माण में निःस्वार्थ योगदान देने वाले देशभर के 70 चयनित युवाओं के लिए जीईजी ग्लोबल फाउंडेशन एवं साझा प्रयास चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में विशेष संसदीय अध्ययन यात्रा का आयोजन किया गया. सौरव जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय कार्यप्रणाली एवं नीति निर्माण की प्रक्रिया से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था. यात्रा के लिए प्रतिभागियों का चयन निर्धारित मानदंडों के आधार पर किया गया. शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा एवं सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में निःस्वार्थ भाव से उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवाओं को इसमें शामिल किया गया. कार्यक्रम का मुख्य संदेश ‘हर योगदान मायने रखता है. आयोजकों के अनुसार, इस पहल के माध्यम से युवाओं में स्वयंसेवा की भावना को बढ़ावा देने और राष्ट्र निर्माण में व्यक्तिगत योगदान के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया. सौरव जायसवाल ने कहा कि देश की वास्तविक ताकत वह युवा शक्ति है, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है. संसद भवन की यह यात्रा ऐसे युवाओं के योगदान के सम्मान का अवसर है. उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वयंसेवा के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है. अध्ययन यात्रा के दौरान चयनित युवाओं को संसद भवन परिसर का भ्रमण करने, देश की लोकतांत्रिक परंपराओं एवं संसदीय व्यवस्था को करीब से समझने तथा नीति निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला. प्रतिभागियों ने कहा कि संसद भवन का यह अनुभव उनके लिए प्रेरणादायक रहा और इससे समाज एवं देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद मिली. आयोजकों ने बताया कि जीईजी ग्लोबल फाउंडेशन एवं साझा प्रयास चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से भविष्य में भी युवाओं के सशक्तीकरण और स्वयंसेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.


