राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। राखा कॉपर प्रोजेक्ट में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) के अधीन कार्य कर रही साउथ वेस्ट प्राइवेट लिमिटेड (जिंदल कंपनी) द्वारा बाहरी लोगों को काम पर रखने को लेकर स्थानीय लोगों और भूतपूर्व कर्मचारियों के आश्रितों में भारी नाराजगी है।
आरोप है कि ठेका के तहत निजी कंपनियों के माध्यम से बाहरी मजदूरों और यहां तक कि सुरक्षा गार्डों की भी नियुक्ति की गई है, जबकि स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। साथ ही मजदूरों से अधिक समय तक काम लेकर कम वेतन देने की भी शिकायत सामने आई है।
भूतपूर्व कर्मचारी एवं आश्रित संगठन के महासचिव मनोज प्रताप सिंह ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी ने पूर्व में किए गए वादों को भुला दिया है, जिससे आश्रितों में आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर माइंस गेट जाम कर तालाबंदी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि एचसीएल द्वारा सीएसआर के तहत क्षेत्र में अपेक्षित विकास कार्य नहीं किए जा रहे हैं और कुछ जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी को एनओसी स्थानीय लोगों ने दी थी, लेकिन इसके बावजूद बाहरी ठेकेदारों से काम कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो जोरदार आंदोलन के साथ काम बंद कराया जाएगा।

