घर की दीवारें टूटीं, महिला का हाथ टूटा
*.. और वन विभाग से ग्रामीणों का भरोसा भी?*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
रात के सन्नाटे में अचानक हाथियों की चिंघाड़ और दीवारें टूटने, गिरने की आवाज गूंजने लगी थी। यह हाल था बीती रात कुकड़ू प्रखंड के तिरूलडीह गांव की हरिजन बस्ती का। शुक्रवार रात जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। करीब आधा दर्जन घरों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घरों में रखा अनाज बर्बाद हो गया।
हाथियों के अचानक बस्ती में घुसने से सो रहे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग घरों से बाहर भागे। इसी दौरान एक महिला गिरकर घायल हो गई और उसका हाथ टूट गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
विजय कालिंदी, कृष्ण कालिंदी, मोहन साईं कालिंदी और प्रेम साईं कालिंदी समेत कई ग्रामीणों के घर प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आवाजाही अब उनके लिए सिर्फ फसल नुकसान का मामला नहीं रह गई, बल्कि जान-माल की सुरक्षा का सवाल बन चुकी है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी, गांव में समय पर सूचना पहुंचाने, हाथियों को सुरक्षित क्षेत्र की ओर खदेड़ने तथा क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।

