यूजीसी का नया कानून सवर्णों से शिक्षा का अधिकार छीनने का कुत्सित प्रयास – प्रमोद मिश्रा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूजीसी के द्वारा लाये गये नया कानून पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह कानून समाज को विघटित करने का बड़ा हथियार बन जाएगा। श्री मिश्रा ने सवालिये लहजे में सरकार से पूछा है कि पूर्व में सवर्णों के खिलाफ बनाये गये कानून कम पड़ रहे थे क्या? जो कि इस विवादित एवं विघटनकारी कानून को लाकर समाज में विघटनकारियों एवं षड़यंत्रकारियों को नया अवसर प्रदान किया जा रहा है जो कि आने वाले समय में सवर्ण समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के खिलाफ हथियार के रुप में प्रयोग किया जाएगा । इससे तनावपूर्ण वातावरण में शिक्षा का माहौल खराब होने की पूर्ण संभावना है तथा इसके गलत इस्तेमाल से निराधार शिकायतें बढ़ जाएगी एवं शैक्षणिक माहौल बिगड़ सकता है। जिससे न कि शिक्षक बल्कि विद्यार्थी भी मानसिक दबाव में आयेगें और सामाजिक सौहार्द को भी गंभीर क्षति होगी।
अतः हम भारत सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी से समाज हित में इस यूजीसी के नये कानून को अविलम्ब निरस्त करने का मांग करते हैं जिससे समाज के सवर्णों में उत्पन्न भय एवं असंतोष की भावना को खत्म किया जा सके एवं एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा कहे गये नारा ‘सबका साथ-सबका विकास’ का सही रुप प्रतीत होता दिखे।

