‘चोर मचाए शोर’ की तर्ज पर झूठे आरोप लगाने वालों का नकाब उतरा: सरयू राय
सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने की सुनियोजित साजिश का आरोप, पुलिस से मोबाइल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सोमवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से शहर की राजनीति और अपराध जगत के कथित बदलते समीकरणों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर आपराधिक घटनाओं से उनका नाम जोड़ने और उनकी छवि धूमिल करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है।
सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके अनुसार शहर में आपराधिक गिरोहों की गतिविधियां और उनकी लॉयल्टी लगातार बदल रही है। उन्होंने दावा किया कि निखार सबलोक और हरेराम सिंह से उनका संबंध करीब डेढ़ वर्ष पहले ही समाप्त हो चुका था। उन्होंने कहा कि निखार की हत्या के बाद भी उनके पुराने संबंधों को आधार बनाकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
राय ने कहा कि जमीन कब्जाने से जुड़े एक मामले में उन्होंने निखार को किसी भी अवैध गतिविधि में सहयोग करने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। इसके बाद निखार उनसे अलग हो गया था।
अशोक राघव के मोबाइल की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग
सरयू राय ने निखार सबलोक हत्याकांड में गिरफ्तार अशोक सिंह राघव के मोबाइल फोन का जिक्र करते हुए दावा किया कि उसमें कई महत्वपूर्ण बातचीत रिकॉर्ड हैं। उन्होंने पुलिस से राघव और निखार सबलोक समेत संबंधित लोगों के मोबाइल में मौजूद रिकॉर्डिंग और सूचनाओं की जांच कर आवश्यक तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने कथित तौर पर बन्ना गुप्ता और राघव के बीच हुई बातचीत का हवाला देते हुए इसकी सत्यता की जांच कराने की मांग की। साथ ही टाटा स्टील कर्मचारियों को कथित रूप से धमकाने की रिकॉर्डिंग की भी जांच की बात कही।
अमित शर्मा को धमकी का मामला भी उठाया
सरयू राय ने भाजपा नेता अमित शर्मा को फोन पर गाली और धमकी दिए जाने के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि बातचीत की रिकॉर्डिंग में बार-बार बन्ना गुप्ता का नाम लिया गया है और इसकी रिकॉर्डिंग साकची थाना में दी गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सरयू राय ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर जमशेदपुर की राजनीतिक और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े इन आरोपों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए डराने-धमकाने या उनकी छवि खराब करने के प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा।

