राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड राज्य के निर्माता सह घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के त्यागी विधायक श्री सूर्य सिंह बेसरा ने आज झारखंड आंदोलनकारी के नाम से फर्जी लोगों को प्रशस्ति पत्र अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा दिए जाने पर विरोध जता कर न्यायिक जांच की मांग की है। श्री बेसरा ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि 21 मई को धालभूमगढ़, चाकुलिया और मुसाबनी प्रखंड के जिन 102 लोगों को झारखंड आंदोलनकारी चिन्हित कर प्रशस्ति पत्र अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा दिए गए हैं उनमें से अधिकतर लोग फ़र्जी है। सूर्य सिंह बेसरा का कहना है कि झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितकरण आयोग का अस्तित्व 6 महीने पहले ही समाप्त हो चुकी हैं, फिर किस प्रकिया के तहत चोर दरवाज़े से इस प्रकार की फर्जीवाड़ा हो रही हैं। यह सर्वविदित है कि वर्त्तमान झारखंड सरकार में झारखंड मुक्ति मोर्चा शामिल है और उन्हीं के पार्टी द्वारा आयोग के सदस्यों भी थे। श्री बेसरा ने गृह विभाग मांग किया है कि उन सदस्य को भी जाँच के दायरे में लाया जाय और उनके विरूद्ध भी क़ानूनी कार्रवाई किया जाए। सूर्य सिंह बेसरा ने इस बात की पुष्टि की है कि उनको विशेष सूत्रों से पता चला है कि इस फर्जीवाड़ा में दादालों के द्वारा 20 से 30 हज़ार रुपये तक की रिश्वत ली गई है। अतः न्यायिक जांच जरूरी है।

