राष्ट्रसंवाद 25 साल की पत्रकारिता यात्रा में निर्भीकता और सच को सामने लाने की परंपरा स्पष्ट दिखाई देती है।
अपने स्थापना के 25 गौरवपूर्ण वर्ष पूरे करने वाला मीडिया संस्थान राष्ट्रसंवाद वास्तव में निर्भीक पत्रकारिता का पर्याय बन चुका है।
अपनी लेखनी के माध्यम से इसके संपादक देवानंद सिंह और संपादकीय टीम ने हमेशा ही यथार्थ और सच्चाई को समाज के सामने रखने का प्रयास किया है। इसके लिए उन्हें कई प्रकार की चुनौतियों और जोखिमों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सच लिखने का साहस नहीं छोड़ा।
मेरा विश्वास है कि भविष्य में भी राष्ट्रसंवाद 25 साल की इस गौरवपूर्ण यात्रा को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक चुनौतियों और विभिन्न झंझावातों पर विजय प्राप्त करेगा तथा पाठकों और दर्शकों को समाज की सच्ची तस्वीर दिखाता रहेगा। मैं इस संस्थान की निरंतर प्रगति और सफलता की कामना करता हूं।
— सुधीर कुमार पप्पू

