ग्रामसभा में ग्रामीणों का विरोध, सीसीएल से पहले रोजगार और फर्जी जमाबंदी रद्द करने की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: सीसीएल के संघमित्रा ओसीपी 20 एमटीवाई परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि हस्तांतरण को लेकर शनिवार को सराडु गांव में ग्रामसभा आयोजित की गई। ग्रामसभा का आयोजन वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत FRA/NOC प्रस्ताव प्राप्त करने के उद्देश्य से किया गया था। ग्रामसभा टंडवा अंचल कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सराडु स्कूल के प्रांगण में की गई। भूमि हस्तांतरण के लिए वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत ग्रामसभा से FRA/NOC प्रस्ताव लिया जाना था। हालांकि, ग्रामसभा में मौजूद ग्रामीणों ने परियोजना के लिए एनओसी देने का विरोध किया और बैठक का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि सीसीएल प्रबंधन पहले उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई करे। ग्रामीणों ने रोजगार, मुआवजा, भूमि सत्यापन तथा कथित फर्जी जमाबंदियों को रद्द करने की कार्रवाई की मांग रखी। ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना शुरू होने से पहले फर्जी जमाबंदियों की जांच कर उन्हें रद्द किया जाए और वास्तविक भूमि मालिकों की भूमि का सत्यापन किया जाए। उनका कहना है कि इससे ग्रामीणों को अपनी मूल भूमि के आधार पर रोजगार एवं अन्य अधिकार प्राप्त करने में सहूलियत होगी और परियोजना प्रबंधन को भी वास्तविक भूमि संबंधी स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर कार्रवाई के बाद ही वे एनओसी देने पर तैयार होंगे। फिलहाल ग्रामसभा में एनओसी देने का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा फर्जी जमाबंदी सीसीएल आंचल प्रशासन रद्द करें और एनओसी ग्रामीणों देनें के लिए तैयार हैं। ग्रामीणों ने कहा फर्जी जमाबंदी पर सीसीएल नौकरी देती है तो सीसीएल के नुकसान होगी और स्थानीय लोगों के लिए सिर दर्द बनेगा। फर्जी जमाबंदी सीसीएल और अंचल प्रशासन रद्द करें। जिससे सीसीएल का भी फायदा होगा और ग्रामीणों का फायदा होगा। मौके पर सराडू मुखिया सीता देवी दोनों पंचायत समिति सहित सुबोध सिंह विजय सिंह रामानुज सिंह अशोक राम राजेंद्र राम अरुण शाहिद सुभान एकतर विष्णु देव सिंह प्रताप सिंह विक्रम सिंह छक्कू महतो अमृत महतो सहित दर्जनों ग्रामीणों उपस्थित थे।

