नारकोटिक्स विभाग का कर्मी बनकर 31.90 लाख की ठगी, एसआईटी ने पांच आरोपियों को दबोचा
थार वाहन और 70 हजार रुपये नकद बरामद, गया और हजारीबाग के रहने वाले हैं आरोपी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: खुद को नारकोटिक्स विभाग का कर्मी बताकर 31.90 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल काले रंग की थार गाड़ी और 70 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। मामले को लेकर बरवाडीह, थाना पत्थलगड़ा निवासी 28 वर्षीय ललन कुमार ने 7 सितंबर 2026 को वशिष्टनगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर थाना कांड संख्या 131/2026, दिनांक 07.09.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2)/310(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की। इसी क्रम में पुलिस ने कटैया जंगल से रंगु कुमार और अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर जोरी थाना क्षेत्र के कंगुरूवा जंगल में छापेमारी की गई। यहां से पुलिस ने प्रिंस कुमार यादव, अविनाश कुमार और बजरंगी कुमार उर्फ रंगा को भी गिरफ्तार कर लिया।
थार वाहन समेत 70 हजार रुपये नकद बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल काले रंग की थार गाड़ी बरामद की है। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर JH02BK0166 बताया गया है। इसके अलावा रंगु कुमार के पास से 30 हजार रुपये, अभिषेक कुमार के पास से 20 हजार रुपये और प्रिंस कुमार यादव के पास से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इस तरह पुलिस ने कुल 70 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में रंगु कुमार, अभिषेक कुमार और प्रिंस कुमार यादव गया, बिहार के रहने वाले हैं। वहीं अविनाश कुमार और बजरंगी कुमार उर्फ रंगा हजारीबाग जिले के निवासी बताए गए हैं। इस कार्रवाई में वशिष्टनगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह, प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक रंजन, इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, शिवा यादव, तकनीकी शाखा के आरक्षी वीरेंद्र यादव समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

