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    खनिज संपदा झारखंड की है, उसके राजस्व पर पहला अधिकार भी झारखंड का होना चाहिए : बन्ना गुप्ता

    News DeskBy News DeskAugust 13, 2026No Comments2 Mins Read
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    खनिज संपदा झारखंड की है, उसके राजस्व पर पहला अधिकार भी झारखंड का होना चाहिए : बन्ना गुप्ता

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर। झारखंड की खनिज संपदा से जुड़े राजस्व एवं राज्य के वित्तीय अधिकारों को सीमित करने वाले केंद्र सरकार के कदम पर पूर्व मंत्री सह कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता ने कड़ा विरोध जताया है।

    बन्ना गुप्ता ने कहा कि झारखंड देश को कोयला, लौह अयस्क, यूरेनियम और अन्य बहुमूल्य खनिज उपलब्ध कराता है। इन खनिजों के उत्खनन से पर्यावरणीय नुकसान, विस्थापन और सामाजिक बोझ सबसे अधिक झारखंड के लोगों को उठाना पड़ता है। ऐसे में खनिजों से मिलने वाले राजस्व और सेस पर राज्य के अधिकार को कमजोर करना झारखंड के साथ अन्याय है।

    उन्होंने कहा, “झारखंड की धरती से निकलने वाले खनिज केवल देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत नहीं करते, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की भी रीढ़ हैं। यदि राज्य के खनिज राजस्व के अधिकार को छीना जाएगा, तो इसका सीधा असर गरीबों, आदिवासियों, किसानों, युवाओं और राज्य की विकास योजनाओं पर पड़ेगा।”

    बन्ना गुप्ता ने कहा कि यह केवल पैसे का सवाल नहीं है, बल्कि संघीय ढांचे और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों का सवाल है। झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य को उसके प्राकृतिक संसाधनों का उचित आर्थिक लाभ मिलना चाहिए।

    उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और राज्य के राजस्व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

    उन्होंने कहा, “झारखंड अपनी खनिज संपदा लूटने नहीं देगा। राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज पर झारखंड की जनता का हक है और इस हक से कोई समझौता नहीं होगा।”

    बन्ना गुप्ता ने कहा कि झारखंड के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ी तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

    उसके राजस्व पर पहला अधिकार भी झारखंड का होना चाहिए : बन्ना गुप्ता खनिज संपदा झारखंड की है
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