लेखक: राष्ट्र संवाद जादूगोड़ा
महिला अधिकारी को धमकी और पुलिस की उदासीनता
जादूगोड़ा थाना की कार्यशैली पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। UCIL की एक महिला अधिकारी पिछले 2 दिनों से FIR दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक मामला दर्ज नहीं किया है।
पीड़िता ने रविवार सुबह जादूगोड़ा थाना में शहर के एक प्रसिद्ध व्यवसायी और एक महिला नेत्री के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि रात में फोन पर धमकाया गया और सुबह घर आकर दरवाजा पीटते हुए जान से मारने और अपहरण करने की धमकी दी गई।
फोन ब्लॉक करने का सनसनीखेज आरोप
पीड़ित महिला अधिकारी का आरोप है कि शिकायत के बाद से जादूगोड़ा थाना का कोई भी अधिकारी उनका फोन नहीं उठा रहा है। थाना प्रभारी ने तो हद ही कर दी, उनका नंबर ही ब्लॉक कर दिया।
डरी-सहमी महिला अधिकारी ने कहा, “लगता है थाना प्रभारी मेरी हत्या का इंतजार कर रहे हैं, तभी कार्रवाई करेंगे। मैं वरीय अधिकारियों और कोर्ट तक जाऊंगी।”
जांच के नाम पर झूठ? थाना प्रभारी और DSP के बयान अलग-अलग
इस मामले में थाना प्रभारी का कहना है कि जांच के लिए फाइल पुलिस उपाधीक्षक को भेजी गई है, आदेश आने के बाद ही FIR होगी।
वहीं DSP ने इस बात से साफ इनकार किया। DSP का कहना है, “ऐसे किसी मामले की मुझे जानकारी ही नहीं है। जांच थाना प्रभारी को ही करनी होती है।”
इस विरोधाभास से साफ है कि पीड़िता को सिर्फ दौड़ाया जा रहा है। जब थाने में ही महिलाओं को न्याय नहीं मिलेगा तो आम जनता कहां जाएगी?
संबंधित जानकारी के लिए झारखंड पुलिस की वेबसाइट देखें।

