Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जमशेदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के दौरान मिले अखाद्य रंग
    Breaking News Headlines कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद धर्म रांची संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    जमशेदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के दौरान मिले अखाद्य रंग

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 3, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    जमशेदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जमशेदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के दौरान मिले अखाद्य रंग

    जमशेदपुर शहर में त्योहारी सीजन और आम दिनों में भी लोगों की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह से सख्त नजर आ रहा है। ताजा मामला शहर के बाजारों से जुड़ा है, जहां खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक केमिकल के इस्तेमाल की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन की नींद टूटी है। स्थानीय लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में एक बड़ा और विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है, जिससे मिलावटखोर दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।

    इस विशेष अभियान को प्रभावी बनाने के लिए राजधानी रांची के पास स्थित नामकुम से एक विशेष मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी को सीधे जमशेदपुर बुलाया गया था। इस अत्याधुनिक मोबाइल लैब के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक विशेष टीम ने शहर के विभिन्न बाजारों, प्रमुख दुकानों और सड़क किनारे लगने वाले खाद्य स्टॉलों पर अचानक धावा बोला। टीम ने मौके पर ही कई खाद्य सामग्रियों के सैंपल लेकर उनकी त्वरित जांच की, ताकि यह पता चल सके कि परोसा जा रहा खाना जनता के खाने योग्य है भी या नहीं।

    अंडे और मछलियों में खतरनाक रसायनों का खुलासा

    जब अधिकारियों ने दुकानों पर बिक रहे सामानों की बारीकी से जांच की, तो उनके भी होश उड़ गए। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अंडों और मछली से तैयार होने वाले कई लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में अखाद्य एवं हानिकारक रंगों का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा था। दिखने में सुंदर और चटख रंग देने के लिए ये दुकानदार ऐसे केमिकल मिला रहे थे जो सीधे तौर पर मानव शरीर और खासकर लीवर और किडनी के लिए जहर समान हैं। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए विभाग ने बिना कोई देर किए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की और मौके पर ही उन सभी दूषित अंडों और मछलियों को नष्ट करवा दिया, जिनमें इन प्रतिबंधित रंगों की पुष्टि हुई थी।

    जमशेदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी

    इस पूरी कार्रवाई के दौरान बाजार में खरीदारों की भीड़ जमा हो गई थी, जो यह सब हैरान होकर देख रही थी। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और इस तरह के प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर आम जनता की सेहत के साथ जानलेवा खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल शुरुआती कार्रवाई के रूप में तमाम अमानक खाद्य सामग्रियों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है और सभी विक्रेताओं को सख्त हिदायत देकर छोड़ा गया है।

    दुकानदारों को सख्त चेतावनी और आगे की कानूनी कार्रवाई

    विभाग की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि यह केवल एक चेतावनी थी। यदि भविष्य में किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान पर दोबारा ऐसी मिलावट या लापरवाही पाई जाती है, तो नरमी बरतने के बजाय सीधे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत भारी भरकम जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए दुकान का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। सरकार द्वारा तय किए गए खाद्य सुरक्षा मानकों की अधिक जानकारी के लिए आप FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं और नियम देख सकते हैं।

    इस छापेमारी के बाद से शहर के तमाम छोटे-बड़े खाद्य विक्रेताओं में खौफ का माहौल है। आम नागरिकों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है और मांग की है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का न होकर नियमित रूप से चलना चाहिए। विभाग ने भी जनता को आश्वस्त किया है कि शहर के हर नागरिक को शुद्ध, पौष्टिक और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उनका यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    खाद्य सुरक्षा झारखंड समाचार मिलावटखोर
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleविधानसभा में उठे जनहित के सवालों पर गंभीरता से कार्रवाई करें विभाग : सुरेश पासवान
    Next Article मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण: 4 और 18 नवंबर को होंगी बैठकें

    Related Posts

    सिमटते जंगल से हाथियों का पलायन, दलमा में बढ़े रेस्क्यू हाथी; सात माह का शेखर बना नया मेहमान*l

    November 3, 2026

    पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस के ठहराव पर आर-पार की लड़ाई

    November 3, 2026

    हेलमेट चेकिंग के नाम पर कार्रवाई पर उठे सवाल, बीमार महिला से वसूला ₹1,000 का चालान

    November 3, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    सिमटते जंगल से हाथियों का पलायन, दलमा में बढ़े रेस्क्यू हाथी; सात माह का शेखर बना नया मेहमान*l

    पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस के ठहराव पर आर-पार की लड़ाई

    हेलमेट चेकिंग के नाम पर कार्रवाई पर उठे सवाल, बीमार महिला से वसूला ₹1,000 का चालान

    34.87 करोड़ के निर्माणाधीन डिग्री कॉलेज की गुणवत्ता को लेकर संशय

    थाना से चंद कदम दूर चोरों ने तोड़ा दुकान का ताला

    पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान की पहल तेज, दूसरे सहयोग शिविर में मिले 33 आवेदन

    राजेश कुमार शुक्ल ने की न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत से मुलाकात

    टाटा वर्कर्स यूनियन में फंड और खातों को लेकर विवाद गहराया, अध्यक्ष कोषाध्यक्ष ने दिया अल्टीमेटम

    फाइव-स्टार अचीवर अवॉर्ड से सम्मानित हुआ टाटा स्टील का वेस्ट बोकारो डिवीजन

    दक्षिण पूर्व रेलवे ने स्क्रैप बिक्री से कमाए 403.86 करोड़ रुपये, रचा नया इतिहास

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.