

फाइव-स्टार अचीवर अवॉर्ड से सम्मानित हुआ टाटा स्टील का वेस्ट बोकारो डिवीजन
झारखंड के औद्योगिक पटल पर एक बार फिर गर्व करने का मौका आया है। टाटा स्टील के वेस्ट बोकारो डिवीजन को देश के कोयला मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रतिष्ठित ‘फाइव-स्टार अचीवर’ अवॉर्ड से नवाजा गया है। यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए एक मिसाल है, जो यह साबित करती है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में इस सम्मान को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
बीते 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘स्टार रेटिंग ऑफ कोल एंड लिग्नाइट माइंस’ नाम से एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया था। इसी मंच पर वेस्ट बोकारो डिवीजन के अंतर्गत आने वाली क्वरी साउथ ईस्टर्न ब्लॉक (SEB) को ओपनकास्ट माइंस श्रेणी के तहत इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया। कार्यक्रम के दौरान देश के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने अपने कर-कमलों से यह पुरस्कार डिवीजन के प्रतिनिधियों को प्रदान किया।
कड़ी प्रतिस्पर्धा में चमकी वेस्ट बोकारो की खदानें
इस बार की प्रतियोगिता बेहद कठिन और कड़ी थी। देश भर से ओपनकास्ट, अंडरग्राउंड और मिक्स्ड श्रेणियों की कुल 382 खदानों ने इस मूल्यांकन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। कड़े मानकों और पारदर्शी समीक्षा के बाद, इनमें से केवल 50 खदानें ही ऐसी थीं जो इस प्रतिष्ठित फाइव-स्टार रेटिंग के पैमाने पर खरी उतर सकीं और यह मुकाम हासिल कर पाईं। इतनी बड़ी संख्या में से चुनिंदा खदानों में जगह बनाना यह दर्शाता है कि टाटा स्टील अपनी कार्यप्रणाली में गुणवत्ता और सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करती है।
समारोह के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वेस्ट बोकारो डिवीजन के जनरल मैनेजर मुकेश रंजन ने इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय अपनी पूरी टीम की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान हमारी टीम के सामूहिक प्रयास, अटूट प्रतिबद्धता और दिन-रात की कड़ी मेहनत का नतीजा है। उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि हमारे लिए सुरक्षा, परिचालन उत्कृष्टता, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामुदायिक विकास हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकताएं रही हैं, जिन पर हम आगे भी पूरी ईमानदारी से काम करते रहेंगे।
किन पैमानों पर होता है मूल्यांकन?
कोयला मंत्रालय की यह स्टार रेटिंग प्रणाली बेहद सख्त और वैज्ञानिक तरीकों पर आधारित होती है। इसमें खदानों के कामकाज की निगरानी कई महत्वपूर्ण कसौटियों पर की जाती है। मूल्यांकन के मुख्य आधार निम्नलिखित हैं:
- खदान के भीतर और बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
- वैज्ञानिक तरीकों से खनन कार्य का संचालन।
- पर्यावरण प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय।
- आधुनिक तकनीकों का अधिकतम और सही उपयोग।
- स्थानीय पर्यावरण और समाज के लिए सतत विकास की योजनाएं।
इन सभी जटिल और कड़े मानकों पर खरा उतरते हुए वेस्ट बोकारो डिवीजन ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे कायम रखा जाता है। यह सफलता आने वाले दिनों में अन्य खनन कंपनियों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जिससे देश भर में सुरक्षित और हरित खनन को बढ़ावा मिलेगा।

