

पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान की पहल तेज, दूसरे सहयोग शिविर में मिले 33 आवेदन
सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को अब अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर लगाने के बजाय पंचायत स्तर पर ही आवेदन देने का अवसर मिल रहा है। इसी उद्देश्य से पंचायतों में लगातार चल रहे सहयोग शिविर के तहत मंगलवार को बरौनी-3 पंचायत भवन में दूसरा शिविर आयोजित हुआ। इसमें विभिन्न समस्याओं से संबंधित 33 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें जल्द ही संबंधित विभागों को भेजा जाएगा।
ग्रामीण जीवन में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को प्रखंड कार्यालयों या जिला मुख्यालयों के कई चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन ने अब खुद गांवों तक पहुंचकर लोगों की सुध लेनी शुरू कर दी है। इस अनूठी पहल से आम जनता में एक नया विश्वास जगा है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब उनके दरवाजे पर ही हो रहा है।
प्रशासन की सीधी पहल से गांवों में जगी नई आस
शिविर में पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी नीरज सिन्हा ने कहा कि सहयोग शिविर सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राशन कार्ड, श्रम कार्ड, पेयजल, आवास, बिजली और सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर कराने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। पंचायतों में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि कोई भी जरूरतमंद इन योजनाओं से वंचित न रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं होता था। लेकिन अब जब खुद बड़े अधिकारी गांवों में आकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं, तो आम आदमी का मनोबल बढ़ा है। शिविर में मौजूद बुजुर्गों और महिलाओं ने खुलकर अपनी परेशानियां अधिकारियों के सामने रखीं और मौके पर ही उनके समाधान के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की गई।
पहले शिविर की सफलता और आगे की रूपरेखा
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पहले शिविर में कुल 34 आवेदन मिले थे, जिनमें से चार को छोड़कर 30 का निष्पादन सफलताપૂર્વक किया जा चुका है। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने आश्वस्त किया है कि नए प्राप्त आवेदनों को भी संबंधित विभागों के पास भेजकर त्वरित गति से उनका निष्पादन कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आवेदन पर अनावश्यक विलंब न हो।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुखिया अमलेश कुमार राय ने कहा कि पंचायत स्तर पर ऐसे शिविर लगने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच ऐसा तालमेल विकास कार्यों को जमीन पर उतारने में बेहद मददगार साबित हो रहा है।
अधिकारियों की सक्रियता और जनसहभागिता
प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी संगीता कुमारी ने शिविर के कुशल संचालन के दौरान प्राप्त आवेदनों के विभागवार निष्पादन की प्रक्रिया को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हर एक आवेदन की सूची तैयार कर ली गई है और संबंधित विभाग के कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समयसीमा के भीतर मामलों का निपटारा करें। अधिक जानकारी के लिए आप बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
शिविर की अध्यक्षता मुखिया अमलेश कुमार राय ने की, जबकि इसका सफल संचालन संगीता कुमारी द्वारा किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शिशिर कुमार, सीडीपीओ मीरा कुमारी, पंचायत स्वच्छता पर्यवेक्षक बिट्टू कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस शिविर को सफल बनाया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे।

