

सिमटते जंगल से हाथियों का पलायन, दलमा में बढ़े रेस्क्यू हाथी; सात माह का शेखर बना नया मेहमान*l
*193.22 से घटकर 188.02 वर्ग किलोमीटर रह गया अभयारण्य का क्षेत्रफल, चांडिल डैम के आसपास डेरा डाल रहे हाथियों के झुंड; भोजन-पानी और वन्यजीव संरक्षण पर उठे सवाल*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
कभी हाथियों के प्रजनन केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला दलमा वन्यजीव अभयारण्य आज हाथियों के पलायन और घटती वन्यजीव उपस्थिति को लेकर सवालों के घेरे में है। अभयारण्य का क्षेत्रफल 193.22 से घटकर 188.02 वर्ग किलोमीटर रह जाने और जंगल की सघनता में कमी के बीच हाथियों के झुंड यहां से पलायन कर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में चांडिल डैम जलाशय के आसपास के जंगलों में डेरा डाले हुए हैं। स्थानीय स्तर पर पिछले 8-10 वर्षों से हाथियों को पर्याप्त भोजन, पानी और पौष्टिक आहार नहीं मिलने को इसके प्रमुख कारणों में गिनाया जा रहा है।
कभी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से हाथियों के झुंड यहां प्रजनन और विचरण के लिए पहुंचते थे। आज स्थिति यह है कि सफारी पर निकलने वाले पर्यटकों को हाथियों के प्राकृतिक झुंड तो दूर, अधिकांश वन्यजीव भी नजर नहीं आते। बंदरों के अलावा वन्यजीवों का दीदार मुश्किल हो गया है। पर्यटकों को माकुलाकोचा चेकनाका स्थित हिरण पार्क में रेस्क्यू किए गए रजनी और बादल हाथियों को देखकर लौटना पड़ता है।
इसी बीच दलमा में एक नया मेहमान सात माह का नन्हा हाथी शेखर पहुंचा है। सोमवार को उसे गुमला वन प्रमंडल से यहां लाया गया। नए माहौल में शेखर काफी चंचल दिखा और उसे संभालने में वनकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। बाद में उसके पैरों में रस्सी बांधकर नियंत्रित किया गया। रजनी हथिनी के महावत ने अपने हाथों से उसे भोजन कराया। अब रजनी और बादल के साथ शेखर भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होगा।
लेकिन शेखर का आगमन दलमा की बड़ी चुनौती को नहीं छिपा सकता। जंगलों की कटाई, रिसॉर्ट-कॉटेज निर्माण, आगजनी और विषु शिकार के नाम पर वन्यजीवों के शिकार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कभी हाथियों की बहुलता वाला प्रजनन क्षेत्र रहा दलमा अब रेस्क्यू हाथियों के सहारे अपनी पहचान बनाए हुए है। सवाल है कि नए मेहमान की देखभाल के साथ जंगल, जलस्रोत और प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता सुधारने पर कब ठोस पहल होगी? क्योंकि हाथियों को रोकने के लिए केवल रेस्क्यू सेंटर नहीं, सुरक्षित और समृद्ध प्राकृतिक आवास जरूरी है।

