

विधानसभा में उठे जनहित के सवालों पर गंभीरता से कार्रवाई करें विभाग : सुरेश पासवान
जमशेदपुर: झारखंड विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति के सभापति सह विधायक सुरेश पासवान की अध्यक्षता में मंगलवार को परिसदन, जमशेदपुर में जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से विधानसभा सत्र के दौरान सदस्यों द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों के विभागवार क्रियान्वयन और अनुपालन की गहन समीक्षा की गई। स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर यह बैठक बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इसमें अधिकारियों को दोटूक शब्दों में जनता के प्रति जवाबदेह बनने का संदेश दिया गया है।
बैठक की शुरुआत में ही समिति के सभापति सुरेश पासवान ने सभी विभागों के कामकाज का लेखा-जोखा तलब किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि जितने भी लंबित प्रश्न हैं, उनका निष्पादन एक निश्चित और निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही अनुपालन प्रतिवेदन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, उसमें पूरी तरह से अद्यतन और सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अधिकारियों को यह भी चेताया गया कि फाइलों को बेवजह लटकाने की प्रवृत्ति से बाज आएं।
जनता की समस्याओं से जुड़ा है हर एक सवाल
आम जनता की रोजमर्रा की परेशानियों और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए सभापति ने कहा कि विधानसभा के पटल पर सदस्यों द्वारा उठाए गए सवाल महज कागजी औपचारिकता या खानापूर्ति नहीं होते हैं। ये सीधे तौर पर आम आदमी की गाढ़ी समस्याओं और उनकी उम्मीदों से जुड़े होते हैं। इसलिए, सभी प्रशासनिक अधिकारियों का यह नैतिक और प्रशासनिक दायित्व बनता है कि वे इन मामलों को पूरी गंभीरता से लें। यदि अधिकारी ही जनहित के मामलों में संवेदनशीलता नहीं दिखाएंगे, तो शासन और प्रशासन का मूल उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी योजना या समस्या के समाधान में विभागों के बीच तालमेल यानी विभागीय समन्वय होना सबसे ज्यादा जरूरी है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि समन्वय की कमी के कारण जनता के काम महीनों और सालों तक लटके रहते हैं। इस स्थिति को अब पूरी तरह से बदलना होगा। जमशेदपुर में विकास कार्यों की गति को तेज करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक सक्रिय होना पड़ेगा ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
जवाबदेही तय करने और विलंब न करने की सख्त हिदायत
बैठक के दौरान सुरेश पासवान ने कड़े तेवर दिखाते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित दोषी अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर है और उसकी सेवा करना ही हम सबका मुख्य कर्तव्य है। इस दिशा में झारखंड सरकार लगातार प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा दे रही है ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सके।
जिला स्तर पर तमाम विभागों के प्रमुखों ने सभापति को आश्वासन दिया है कि दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और सभी लंबित मामलों का तेजी से निपटारा किया जाएगा। इस उच्चस्तरीय बैठक से एक बात तो साफ है कि अब जनप्रतिनिधि और समिति के तेवर प्रशासनिक अमले को लेकर काफी सख्त हो चुके हैं, जिसका सीधा फायदा आने वाले दिनों में जमशेदपुर के आम नागरिकों को मिलने की पूरी उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अब उनकी शिकायतों पर त्वरित और ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी।

