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    जमशेदपुर: आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के रिक्त पदों पर चयन 15 अगस्त तक पूरा करने का निर्देश

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 12, 2026No Comments3 Mins Read
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    आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के रिक्त पदों पर चयन
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    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर में समाज कल्याण विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और रिक्त पदों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करना था।

    समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिये गये।

    उपायुक्त ने जिले की सभी परियोजनाओं में सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों पर 15 अगस्त से पहले चयन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। पूर्ण हो चुके आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का हस्तांतरण सुनिश्चित करने तथा वर्षा जल संचयन और विद्युत कनेक्शन से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा कराने को कहा गया।

    उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के दैनिक संचालन, बच्चों की उपस्थिति और गर्म पका भोजन वितरण की जानकारी पोषण ट्रैकर पर प्रतिदिन दर्ज करना अनिवार्य करने का निर्देश दिया। वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा।

    बैठक में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के आधार पंजीकरण एवं अद्यतन पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं मौजूद रहीं।

    आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के रिक्त पदों पर चयन की समयसीमा

    उपायुक्त द्वारा निर्धारित की गई 15 अगस्त की समयसीमा जिले में रिक्त पड़े पदों को भरने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण स्तर पर पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल की रीढ़ हैं। सेविका और सहायिका के पद लंबे समय से रिक्त रहने के कारण केंद्रों का संचालन प्रभावित होता रहा है। इस निर्देश के बाद चयन समितियों को प्रक्रिया में तेजी लाने का स्पष्ट संकेत मिल गया है।

    विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिले में विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत सैकड़ों पद रिक्त हैं। चयन प्रक्रिया में मेरिट के आधार पर चयन, दस्तावेज सत्यापन और अंतिम मंजूरी शामिल है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी पात्र अभ्यर्थी प्रक्रियागत देरी के कारण वंचित न रहे।

    पोषण ट्रैकर और डिजिटल निगरानी पर जोर

    बैठक में पोषण ट्रैकर पर दैनिक डेटा एंट्री को अनिवार्य करने का निर्देश डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे केंद्रों की वास्तविक स्थिति, बच्चों की उपस्थिति और भोजन वितरण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। इससे पारदर्शिता आएगी और लापरवाही पर अंकुश लगेगा।

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और आधार पंजीकरण

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत शत-प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता सुनिश्चित करेगा। साथ ही 0 से 5 वर्ष के बच्चों का आधार पंजीकरण उनकी पहचान स्थापित करने और भविष्य में योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायक होगा।

    बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण

    पूर्ण हो चुके भवनों का हस्तांतरण, वर्षा जल संचयन और विद्युत कनेक्शन जैसे बुनियादी ढांचे के कार्य केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। ये सुविधाएं बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेंगी।

    इस बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और महिला पर्यवेक्षिकाएं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि प्रशासन जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा की जाएगी।

    अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

    आंगनबाड़ी पोषण ट्रैकर समाज कल्याण सेविका सहायिका
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