लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छात्राओं ने वरीय पुलिस अधीक्षक को बांधी राखी और भाई-बहन के पवित्र स्नेह एवं विश्वास के प्रतीक इस पर्व की शुभकामनाएं दीं।
छात्राओं ने वरीय पुलिस अधीक्षक को बांधी राखी: स्नेह एवं सम्मान का प्रतीक
आज वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर डॉ0 ऐहतेशाम वकारिब के कार्यालय कक्ष में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छात्राओं द्वारा उन्हें राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र स्नेह एवं विश्वास के प्रतीक पर्व की शुभकामनाएँ दी गईं ।
इस अवसर पर छात्राओं ने वरीय पुलिस अधीक्षक की कलाई पर राखी बांधते हुए उनके प्रति सम्मान, आत्मीयता एवं स्नेह व्यक्त किया तथा पुलिस प्रशासन द्वारा समाज में सुरक्षा, शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की ।
वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ0 ऐहतेशाम वकारिब ने छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सुरक्षा, सम्मान एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है।
उन्होंने छात्राओं को सदैव निर्भीक होकर आगे बढ़ने, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा छात्राओं को आशीर्वाद एवं उपहार प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल, सुरक्षित एवं सफल भविष्य की मंगलकामना की गई।
रक्षाबंधन का त्योहार भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देते हैं। जमशेदपुर में इस परंपरा को एक नया आयाम देते हुए छात्राओं ने पुलिस प्रशासन के मुखिया को राखी बांधकर सामाजिक सुरक्षा के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. ऐहतेशाम वकारिब भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं और वर्तमान में पूर्वी सिंहभूम जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी कार्यशैली हमेशा से जनहितैषी और संवेदनशील रही है। उन्होंने कई मौकों पर पुलिस-पब्लिक रिलेशन को मजबूत करने के लिए अनूठी पहल की है। छात्राओं के साथ रक्षाबंधन मनाना भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिससे पुलिस की छवि जनता के बीच मित्रवत और सहयोगी के रूप में उभरती है।
इस कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने बताया कि एसएसपी को राखी बांधकर उन्हें बेहद गर्व और सुरक्षा का एहसास हुआ। एक छात्रा ने कहा, “हमारे अभिभावक और शिक्षक हमें पुलिस से डरने नहीं, बल्कि सहयोग करने की सीख देते हैं। आज हमने अपने रक्षक को ही राखी बांधी है, यह हमारे लिए अविस्मरणीय क्षण है।” इस तरह के आयोजन समाज में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पुलिस प्रशासन द्वारा समाज में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते हैं। त्योहारों के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी जाती है। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर नागरिक सुरक्षा संबंधी अनेक जानकारियां और हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर पुलिस अधिकारियों का आम नागरिकों, खासकर छात्राओं के साथ सीधा संवाद एक सकारात्मक संदेश देता है।
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन मिलकर जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देकर यह दर्शाया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भी सक्रिय भागीदारी निभाती है। इस आयोजन की शहरभर में सराहना हो रही है।
आधुनिक युग में रक्षाबंधन का दायरा पारिवारिक सीमाओं से निकलकर सामाजिक और संस्थागत संबंधों तक विस्तारित हो चुका है। सैनिकों, पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों और सफाईकर्मियों को राखी बांधने की परंपरा समाज के उन रक्षकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का सशक्त माध्यम बन गई है। जमशेदपुर की छात्राओं द्वारा की गई यह पहल इसी आधुनिक बोध को दर्शाती है, जहां सुरक्षा प्रदान करने वाले को भी सुरक्षा और स्नेह के सूत्र में बांधा जाता है। यह भावनात्मक आदान-प्रदान समाज को जोड़ने का कार्य करता है।

