क्या धनखड़ का इस्तीफ़ा स्वास्थ्य बहाना या एक राजनीतिक पुनर्संयोजन का संकेत? देवानंद सिंह भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपने पद से अचानक इस्तीफ़ा देकर राजनीतिक हलकों में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने इस्तीफ़े का कारण ‘स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों’ को बताया, लेकिन इस तर्क को लेकर खुद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों में शंका की गुंजाइश बनी हुई है। राजनीति में इस तरह के अचानक हुए निर्णय प्रायः सिर्फ़ एक निजी कारण से प्रेरित नहीं होते, इनके पीछे सत्ता समीकरण, आंतरिक असहमति और रणनीतिक पुनर्संरचना जैसे कारक भी सक्रिय रहते हैं। जगदीप धनखड़…
Author: News Desk
दुनिया की लाखों जिन्दगियां में जहर घोलता अकेलापन -ललित गर्ग- ‘हर छठा व्यक्ति अकेला है’-यह निष्कर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताज़ा रिपोर्ट का है, जिसने पूरी दुनिया को चिन्ता में डाला है एवं सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हम कैसी समाज-संरचना कर रहे हैं, जो इंसान को अकेला बना रही है। निश्चित ही बढ़ता अकेलापन कोई साधारण सामाजिक, पारिवारिक एवं व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक ऐसा वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है, जो व्यक्तियों, समाजों, और व्यावसायिक संस्थानों को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। दुनिया के करोड़ों लोग टूटे रिश्तों व संवादहीनता…
(जब शिक्षा डर बन जाए) *डिग्रियों की दौड़ में दम तोड़ते सपने* _संभावनाओं की कब्रगाह बनते संस्थान_ *संस्थाएं डिग्रियां नहीं, ज़िंदगियां दें — तभी शिक्षा का अर्थ है* भारत में शिक्षा संस्थान अब केवल डिग्रियों की फैक्ट्री बनते जा रहे हैं, जहां बच्चों की संभावनाएं और संवेदनाएं दोनों दम तोड़ रही हैं। कोटा, हैदराबाद, दिल्ली जैसे शहर आत्महत्या के आंकड़ों से दहल रहे हैं। यह संकट केवल परीक्षा का नहीं, हमारी सोच और व्यवस्था का है — जो रैंक को जीवन से ऊपर रखती है। शिक्षा में संवाद, मानसिक परामर्श और मानवीयता की जगह खाली है। जब तक हम शिक्षा…
हाफ एनकाउंटर और फुल मटन पार्टी बिहार की राजनीति में सियासी स्वाद और सुशासन पर संग्राम राष्ट्र संवाद नजरिया बिहार की सियासत इन दिनों दो ध्रुवों के बीच झूल रही है—एक ओर आरा में हुए ‘हाफ एनकाउंटर’ की गूंज है, तो दूसरी ओर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में ‘फुल मटन पार्टी’ की महक। सावन के पवित्र माह में सत्ता पक्ष द्वारा आयोजित मटन भोज को लेकर विपक्ष ने जमकर निशाना साधा, जबकि चंदन मिश्रा हत्याकांड में हुए कथित आधे-अधूरे पुलिस एनकाउंटर पर सत्ता पक्ष ही सवालों के घेरे में आ गया है। तेजस्वी यादव द्वारा मटन भोज पर दी…
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स्नेहा को हर मुमकिन सहयोग करेंगेःसरयू राय राष्ट्र संवाद संवाददाता *जमशेदपुर*। जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने बैंकॉक में संपन्न हुए विश्व स्ट्रेंथ लिफ्टिंग में भारत के लिए दो-दो स्वर्ण पदक जीतने वाली मानगो की बिटिया स्नेहा कुमारी का अभिनंदन किया। श्री राय ने स्नेहा के घर पर पहुंच कर उन्हें मिठाई खिलाई, अंगवस्त्र और बुके देकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर सरयू राय ने स्नेहा से कहा कि उन्हें जो भी सहयोग चाहिए, वह देने का प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि स्नेहा ने बहुत कष्ट से बैंकॉक की यात्रा की और विश्व स्ट्रेंथ लिफ्टिंग में दो स्वर्ण…
“राष्ट्र संवाद ने विधायक के तंज का दिया करारा जवाब – संघर्ष से बना है भरोसे का मंच” राष्ट्र संवाद डेस्क जमशेदपुर।विधायक द्वारा ‘राष्ट्र संवाद’ को लेकर तंज कसते हुए “कौन पढ़ता है उसे?” जैसे बयान पर राष्ट्र संवाद समूह ने संतुलित और सधा हुआ जवाब दिया है। समूह की ओर से कहा गया है: “माननीय विधायक जी! राष्ट्र संवाद आज जिस मुकाम पर है, वह आपकी बदौलत नहीं, बल्कि हमारे 440 व्हाट्सएप समूहों, दर्जनों ब्रॉडकास्ट कुटुंबऐप, पाठकों, फॉलोअर्स, विज्ञापनदाताओं और शुभचिंतकों की बदौलत है। यह संघर्ष का साथी है, किसी का मोहताज नहीं।” राष्ट्र संवाद ने आगे लिखा –…
धर्म, सत्ता और अपराध के त्रिकोण को तोड़ने का समय देवानंद सिंह कर्नाटक के पवित्र माने जाने वाले शहर धर्मस्थल से निकली भयावह कहानी न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे न्यायिक और राजनीतिक ढांचे पर गहरे सवाल खड़े करती है। जब एक पूर्व सफाईकर्मी ने इसी महीने 4 जुलाई को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत एक मजिस्ट्रेट के सामने यह दावा किया कि उसने 1995 से 2014 के बीच 100 से अधिक शवों को दफनाया, तब से इस प्रकरण ने धार्मिक संस्थाओं, कानून व्यवस्था और जनमानस के भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। दरअसल,…
बड़ी जीत है द रेजिस्टेंट फ्रंट का आतंकी संगठन घोषित होना -ललित गर्ग- पहलगाम में जब आतंकी हमले में निर्दोषों का रक्त बहा, आहें एवं चीखें गूंजी, जिसने न केवल देश एवं दुनिया को झकझोर दिया था, बल्कि यह संकेत भी दे दिया कि आतंकवाद की जड़ें अब भी जीवित हैं और उन्हें राजनीतिक, वैचारिक और सीमा-पार समर्थन प्राप्त है। लेकिन इस बार एक बड़ा परिवर्तनकारी एवं प्रासंगिक कदम अमेरिका की ओर से सामने आया है, जिसने इस हमले की जिम्मेदारी लेने वाले पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की मुखौटा इकाई द रेजिस्टेंट फ्रंट (टीआरएफ) को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित…
“स्क्रॉल संस्कृति और अंधविश्वास: तकनीक के युग में मानसिक गुलामी” – डॉ सत्यवान सौरभ आज का युग तकनीक और सूचना का है। हर हाथ में मोबाइल है, हर जेब में इंटरनेट। लेकिन क्या वास्तव में हम ज़्यादा जागरूक हुए हैं, या बस स्क्रीन पर फिसलती उंगलियों के गुलाम बन गए हैं? विज्ञापन, वीडियो, मीम्स, रील्स और टोटकों की अंतहीन दुनिया में लोग उलझे हुए हैं। “स्क्रॉल संस्कृति” ने हमारे ध्यान की डोर काट दी है। पहले जो बातें गहराई से समझी जाती थीं, वे अब 30 सेकेंड के शॉर्ट्स और 280 कैरेक्टर की पोस्ट में सिमट चुकी हैं। हमारा मस्तिष्क…
