“डेटा की दलाली और ऋण की रेलमपेल : निजी बैंकों का नया लोकतंत्र” – प्रियंका सौरभ “नमस्ते महोदय/महोदया, क्या आप व्यक्तिगत ऋण लेना चाहेंगे?” कभी दोपहर की झपकी के बीच, कभी सभा के समय, कभी मंदिर के बाहर, तो कभी वाहन चलाते समय — यह स्वर अब हमारे जीवन की अनिवार्य पृष्ठभूमि बन चुका है। यह मात्र एक स्वर नहीं, बल्कि एक कृत्रिम उत्पीड़न है — जो यह उद्घोष करता है कि हमारे नाम, दूरभाष अंक और आवश्यकताएं अब बाज़ार की संपत्ति बन चुकी हैं। जब सरकारें ‘डिजिटल भारत’ के नारे लगाती हैं, उसी समय निजी बैंक हमारे जीवन की…
Author: News Desk
जंगलराज शब्द कभी विपक्ष का हथियार, अब सत्ता की बेबसी अजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार बिहार में ‘जंगलराज’ शब्द महज एक आरोप नहीं, बल्कि दशकों से सत्ता बदलने का सबसे कारगर हथियार रहा है। लालू-राबड़ी शासन के वक्त अगर कोई एक लाठी सबसे ज़्यादा चली तो वो थी जंगलराज के नाम की। नीतीश कुमार ने इसी के दम पर खुद को ‘सुशासन बाबू’ के तौर पर गढ़ा और एनडीए की गाड़ी को पटरी पर रखा। लेकिन आज वही जंगलराज फिर से चर्चा में है, फर्क बस इतना है कि बोलने वाले अब विरोधी हैं और चुप रहने वाले सत्ताधारी।बीते दो महीनों…
भारतीय नर्स निमिषा प्रिया मामले में उम्मीद की लौ बुझने न दे भारत देवानंद सिंह भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की यमन में फांसी की सज़ा का मामला बीते कुछ वर्षों से भारतीय मीडिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कूटनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 2017 में यमन में एक हत्या के आरोप में गिरफ़्तारी, 2020 में सुनाई गई मौत की सज़ा, और 2024-25 में फांसी की तारीख़ तय होने के बाद ऐन वक्त पर उसका टल जाना, ये सभी घटनाक्रम इस केस को एक साधारण आपराधिक मामले से कहीं ज़्यादा बड़ा मामला बना चुके हैं। यह मामला अब क़ानून,…
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केंद्र व राज्य सरकार के दबाव में ईडी की द्वेष पूर्ण कार्यवाही- तनवीर अहमद, पुतला फुंके राष्ट्र संवाद ब्यूरो कमाल अहमद कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की दीपका:-केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय(ई,डी) द्वारा केंद्र व राज्य सरकार के दबाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार करने एंव कांग्रेस पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं पर की जा रही द्वेष पूर्ण कार्यवाही के विरोध में ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दीपका के बजरंग चौक पर नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी…
पूर्व सांसद निरहुआ के निजी सचिव मुकेश राय के पिताजी का निधन 94 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, 21 जुलाई को निकलेगी अंतिम यात्रा राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर, टेल्को: माननीय पूर्व सांसद श्री निरहुआ जी के निजी सचिव एवं ब्रह्मर्षि विकास मंच के सक्रिय सदस्य श्री मुकेश राय के पिताजी श्री प्रभाकर राय का निधन हृदय गति रुकने के कारण 20 जुलाई 2025 को प्रातः 10:25 बजे हो गया। वे 94 वर्ष के थे। स्वर्गीय श्री राय एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें उनके दो पुत्र शामिल हैं। उनका जीवन सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक सौहार्द का प्रतीक…
‘आप’ की ‘इंडिया’ गठबंधन से दूरी ने फिर बढ़ाई विपक्षी एकता की उलझन देवानंद सिंह भारतीय राजनीति में गठबंधन बनना और टूटना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब यह घटनाक्रम उस समय घटता है, जब विपक्ष को सर्वाधिक एकजुट रहने की आवश्यकता होती है, तब यह महज़ रणनीतिक असहमति नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श के लिए एक चुनौती बन जाती है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का यह सार्वजनिक बयान कि आम आदमी पार्टी अब इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है, भारतीय राजनीति के मौजूदा विपक्षी समीकरणों में एक नई दरार का संकेत है। ऐसे समय में,…
अख़बारों में साहित्य की हत्या और शब्दकर्मियों की बेइज़्ज़ती आज के अधिकांश अख़बारों से साहित्यिक पन्ने या तो पूरी तरह गायब हो चुके हैं या केवल खानापूरी तक सीमित हैं। लेखकों को छापकर उन्हें ‘कृपा’ का अनुभव कराया जाता है, परंतु सम्मानजनक मानदेय नहीं दिया जाता। अब कुछ मालिकान पुरस्कार योजनाएं बनाकर लेखक-सम्मान का दिखावा कर रहे हैं, जबकि बुनियादी ज़रूरत है — श्रम का मूल्य और साहित्य की जगह। लेखन कोई शौक नहीं, गहन परिश्रम है, जिसे मजूरी और मान चाहिए। पुरस्कार बाद में दीजिए, पहले लेखक को उसका मेहनताना दीजिए — यही सबसे बड़ा सम्मान होगा। -…
स्कूलों को उड़ाने की धमकियांः सुरक्षा पर मंडराता खतरा -ललित गर्ग- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के करीब 45 स्कूलों में बम विस्फोट की धमकी बेहद गंभीर और चिंताजनक है। चूंकि ऐसी धमकियां लगातार आ रही हैं, इसलिए हमारे सुरक्षा तंत्र को बहुत सजग हो जाना चाहिए। यह पुलिस एवं प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती एवं गंभीर प्रश्न है, क्योंकि बीते कुछ ही दिनों में करीब चार बार ऐसी धमकियांे के ई-मेल अथवा फोन से डराने एवं धमकाने वाले सन्देश मिले हैं। इसी बुधवार को ही सात स्कूलों को विस्फोट की धमकी मिली थी। अगर यह किसी की सोचा-समझी साजिश है…
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