उपराष्ट्रपति चुनाव के बहाने बीजेपी का दक्षिणी दांव और ओबीसी राजनीति का नया मोर्चा देवानंद सिंह भारतीय राजनीति में उपराष्ट्रपति का पद भले ही जनता से सीधे जुड़ा न हो, लेकिन इसका चुनाव हमेशा एक व्यापक राजनीतिक संदेश देता है। यह केवल संसद के भीतर चुना जाने वाला संवैधानिक पद नहीं है, बल्कि इससे निकलने वाले संकेत दूर-दूर तक जाते हैं। यही वजह है कि जब भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल और तमिलनाडु के वरिष्ठ नेता सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, तो इसे महज़ संवैधानिक प्रक्रिया के रूप में नहीं,…
Author: News Desk
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79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए संबोधन के मायने देवानंद सिंह शुक्रवार को भारत ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह महापर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की अनगिनत कुर्बानियों और राष्ट्रनिर्माण के अथक प्रयासों की सजीव अभिव्यक्ति है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की 140 करोड़ जनता को एकजुटता, गर्व और उन्नति की भावना से ओतप्रोत किया। उनके भाषण का केंद्रबिंदु था, देश की आंतरिक सुरक्षा, संविधान के प्रति आस्था और उन क्षेत्रों की सफलता कहानी, जो…
हवा-पानी की आज़ादी के बिना आज़ादी अधूरी – ललित गर्ग – देश एवं दुनिया के सामने स्वच्छ जल एवं बढ़ते प्रदूषण की समस्या गंभीर से गंभीरतर होती जा रही है। शुद्ध हवा एवं पीने के स्वच्छ जल की निरन्तर घटती मात्रा को लेकर बड़े खतरे खड़े हैं। धरती पर जीवन के लिये जल एवं हवा सबसे जरूरी वस्तु है, जल एवं हवा है तो जीवन है। जल एवं हवा ही किसी भी प्रकार के जीवन और उसके अस्तित्व को संभव बनाता है। जीवन के तीन आधार तत्व हैं-हवा, पानी और धरती है। इनकी संरक्षा न केवल हमारी अस्तित्व-निर्भरता से जुड़ी…
बच्चों को कुपोषण से बचाए , अमेरिकी वैज्ञानिकों का रिसर्च निशिकांत ठाकुर पौधे की नियमित देखभाल करते है ताकि वह जल्द बड़ा हो, हारा– भरा रहे, इसलिए जड़ में खाद–पानी डालना पड़ता है। यह उस की परवाह करना कहा जाता है । यदि आप उसकी परवाह करते है तो निश्चित रूप से पौधा हरा रहेगा और अपनी हरियाली से अपनी खुशबू से तथा यदि फलदार है तो जब अपने स्वरूप में आएगा आपको आंतरिक खुशी होगी । पौधे की हरियाली, उसकी खुशबू , उसके फल आपकों उत्साह से भर देगा और उसका और भी ख्याल रखेंगे । जड़ में खाद– पानी आपने दिया इसलिए उन फूलों की खुशबू, उसके फल…
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पीएम मोदी के लाल क़िले से आरएसएस की तारीफ़ के निहितार्थ देवानंद सिंह स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह वह अवसर है, जब भारत का प्रधानमंत्री लाल क़िले की प्राचीर से देश की दिशा और दशा पर अपनी दृष्टि प्रस्तुत करता है। यह भाषण सामान्यतः सरकार की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित होता है, किंतु 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कुछ ऐसा किया, जो पिछले ग्यारह वर्षों में नहीं हुआ था। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का सार्वजनिक मंच से उल्लेख करते हुए उसकी सौ साल…
कर्तव्य और संस्कार का अद्वितीय संगम, जब मुख्यमंत्री ने निभाया पुत्र और जनसेवक दोनों का धर्म दिशोम गुरु की विदाई, एक युग का अंत अमन शांडिल्य झारखंड के संघर्ष इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय अब स्मृतियों में बदल गया। दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जाना केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे आंदोलन की क्षति है। जिनकी आवाज़ ने कभी जंगल-पहाड़ों से उठकर संसद के गलियारों तक दस्तक दी, जिनके नेतृत्व ने झारखंड को अस्तित्व दिलाया, वे आज भले ही देह रूप में हमारे बीच न हों, लेकिन उनके विचार और संघर्ष जीवित हैं। *पिता से मिले जीवन…
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सोना देवी विश्वविद्यालय में कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया ध्वजारोहण राष्ट्र संवाद संवाददाता सोना देवी विश्वविद्यालय घाटशिला में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने ध्वजारोहण किया. राष्ट्रगान के पश्चात उन्होंने विभिन्न संकाय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नमन है उन बलिदानियों को जिनके कारण हम आज यह उत्सव मना रहे हैं. हमें तभी वास्तविक आजादी मिलेगी जब हम कुरीतियों और सामाजिक बुराईयों को दूर करेंगे. श्री सिंह ने कहा कि हमें अपनी आजादी को बनाए रखने के लिए उन…
