Author: News Desk

🙏🌅नमस्कार 🌅🙏 *आपका *राष्ट्र* *आपका *संवाद* *राष्ट्र संवाद पञिका* *राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में* *बेमिसाल 25 साल* *राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज* 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 27अगस्त दिन बुधवार 2025 www.rashtrasamvad.com www.rastrasamvad.com Devanandsingh.com rashtrasamwad. com *********************** Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ************************* *NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP* JHAHIN2000/1039 *राष्ट्रसंवाद दैनिक:-* JHAHIN01092 *राष्ट्र संवाद नजरिया : “आपकी मोहब्बत से ज़्यादा संवाद की इज़्ज़त प्यारी है, किरदार पे अगर बात आ गई तो संवाद अजनबी बन जाएगा,”* *अदब कीजिए हमारी ख़ामोशी का आपकी औकात छुपाए रखता हूं* *टाटानगर रेलवे स्टेशन पार्किंग में मनमानी* *5 घंटे…

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🙏🌅नमस्कार 🌅🙏 आपका *राष्ट्र आपका *संवाद राष्ट्र संवाद पञिका राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में बेमिसाल 25 साल राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 24अगस्त दिन रविवार 2025 www.rashtrasamvad.com www.rastrasamvad.com Devanandsingh.com rashtrasamwad. com ********* Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ********* NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP JHAHIN2000/1039 राष्ट्रसंवाद दैनिक:- JHAHIN01092 राष्ट्र संवाद नजरिया : *दरकने लगा है रेत पर टिका सियासी महल:निशिकांत ठाकुर विपक्ष द्वारा तर्कसंगत विधेयकों का विरोध करना उचित नहीं:देवानंद सिंह क्या धर्म के नाम पर पागलपन स्वीकार्य है?:मनीषा शर्मा ‘वोट चोरी’ के आरोपों से क्या डगमगा रहा है चुनाव आयोग…

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देवानंद सिंह लोकसभा का मानसून सत्र भारतीय राजनीति में हमेशा से विशेष महत्व रखता रहा है। यह वह अवसर होता है, जब सरकार पूरे वर्ष की नीतियों का हिसाब-किताब जनता और विपक्ष के सामने प्रस्तुत करती है और साथ ही आने वाले समय के लिए अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है। विपक्ष भी इस समय को अपनी असहमति दर्ज कराने और सरकार को कठघरे में खड़ा करने का सबसे उपयुक्त अवसर मानता है। इस बार का सत्र भी कुछ इसी तरह की हलचलों से भरा रहा। केंद्र सरकार ने तीन अहम विधेयक संसद के सामने रखे,…

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निशिकांत ठाकुर सात सितंबर 2022 को दक्षिण भारत के कन्याकुमारी से शुरू की गई ‘भारत जोड़ो पदयात्रा’ का समापन 136 दिन के बाद 14 राज्यों का कामयाब सफर पूरा करने के साथ श्रीनगर में संपन्न हुआ था। उसके पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश के समक्ष हिकारत की नजर से प्रस्तुत करते हुए ‘पप्पू’ है, ‘अज्ञानी’ है, ‘वंशवादी’ होने के कारण राजनीति में लॉन्च किया गया ‘सत्तालोलुप युवराज’ है, तक कहा जाता रहा। राहुल गांधी की यह ‘भारत जोड़ो पदयात्रा’ इसी तरह थी, जैसे आंधी आने से पहले हवा का बहना बंद हो जाता है। कांग्रेस शांत थी और देश…

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धर्म का अर्थ है धारण करना। दूसरे शब्दों में, धर्म वह आचरण है जिसके अनुसार व्यक्ति अपने जीवन में जीता है। इसलिए, किसी भी धर्म के नाम से जोश में आकर नफरत फैलाने वाले कभी स्वीकार्य नहीं हैं। कवि-आलोचक नलिनीधर भट्टाचार्य के शब्दों में, “मनुष्य की उच्चतर सत्ता अब सुप्त हो चुकी है। व्यावहारिक सत्ता सक्रिय और सशक्त हो चुकी है, उस पर विवेक का पूर्ण नियंत्रण नहीं रह गया है । माला ,तिलक, धोती पहनने से धर्म पालन नहीं होता । अपितु धर्म एक निष्ठापूर्वक आदर्श हैं । वर्तमान समय में धर्म के विषय में भिन्न लोगों ने भिन्न…

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जमशेदपुर मणिपाल मेडिकल कॉलेज में छात्र की मौत पर बवाल, प्रबंधन के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन प्रबंधन ने मानी छात्रों की मांग, आंदोलन हुआ खत्म दिव्यांशु आत्महत्या प्रकरण में ब्रह्मर्षि विकास मंच सक्रिय, जांच कमेटी बनाने की तैयारी मणिपाल मेडिकल कॉलेज के छात्र दिव्यांशु पाण्डेय के आत्म हत्या की जांच हो:डॉ परितोष राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित मणिपाल मेडिकल कॉलेज में तृतीय वर्ष के छात्र दिव्यांशु पांडे की सल्फास खाने से हुई मौत के बाद छात्रों ने प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप था कि समय पर एम्बुलेंस की सुविधा नहीं मिलने से…

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क्या मुख्य चुनाव आयुक्त पर विपक्ष का महाभियोग लाने की तैयारी लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है? देवानंद सिंह भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहलाता है। यह केवल आकार या मतदाताओं की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के कारण ऐसा माना जाता है। चुनाव आयोग इस लोकतंत्र की रीढ़ मानी जाती है। वही संस्था, जो यह सुनिश्चित करती है कि हर पांच साल पर या जब भी चुनाव हों, वे स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों। मगर, जब इसी संस्था की निष्पक्षता पर…

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“इतिहास की सीख छोड़ फ्रेम में उलझा युवा वर्ग” (संघर्ष की गाथा भूली, तस्वीरों की दुनिया में खोया युवा) आज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि युवा वर्ग केवल फ्रेम और क्लिक की दुनिया में सिमटकर न रह जाए। क्षणभंगुर छवियाँ उसे आकर्षित करती हैं, परंतु इतिहास और साहित्य ही स्थायी आत्मबल देते हैं। फ्रेम से मिली चमक पल भर की है, लेकिन साहित्य से मिला आत्मसत्य पीढ़ियों तक ऊर्जा देता है। आवश्यकता है कि युवा वर्ग सोशल मीडिया की सतहीता से बाहर निकलकर संस्कृति और ज्ञान की गहराई को पहचाने। इतिहास से सीखना और साहित्य से जुड़ना ही…

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विधेयक पर हंगामा क्यों, जब मुद्दा है राजनीतिक शुचिता का -ललित गर्ग- गंभीर आपराधिक आरोपों में घिरे नेता चाहे वे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं मंत्री ही क्यों न हो, उनकी गिरफ्तारी या हिरासत के बाद एक निश्चित अवधि बीत जाने पर हटाने की व्यवस्था वाले विधेयक को जब केन्द्र सरकार ने लोकसभा में प्रस्तुत किया तो जरूरत से ज्यादा हंगामा एवं विरोध समझ में नहीं आया। इस तरह ईमानदार, अपराधमुक्त राजनीति एवं चरित्रसम्पन्न-पवित्र राजनेताओं की पैरवी वाले विधेयक पर हंगामा लोकतंत्र की गरिमा को आहत करता है। गृहमंत्री अमित शाह ने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी ओर से इन विधेयकों…

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अपनी ही बिसात पर मात खा रहा है विपक्ष -ललित गर्ग- भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह केवल संख्याओं और मतों का खेल नहीं है, बल्कि एक ऐसी जीवंत प्रक्रिया है जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सत्ता पक्ष जहां शासन संचालन और नीतियों को लागू करने के लिए जिम्मेदार होता है, वहीं विपक्ष लोकतंत्र का प्रहरी बनकर उसके हर कदम पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है, असंतोष को स्वर देता है और जनभावनाओं को दिशा देता है। लेकिन वर्तमान विपक्ष इन भूमिकाओं में नकारा साबित हो रहा है, ऐसा…

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