🙏🌅नमस्कार 🌅🙏 *आपका *राष्ट्र* *आपका *संवाद* *राष्ट्र संवाद पञिका* *राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में* *बेमिसाल 25 साल* *राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज* 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 12अगस्त दिन मंगलवार 2025 www.rashtrasamvad.com www.rastrasamvad.com Devanandsingh.com rashtrasamwad. com *********************** Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ************************* *NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP* JHAHIN2000/1039 *राष्ट्रसंवाद दैनिक:-* JHAHIN01092 *राष्ट्र संवाद नजरिया : हेमंत की आदिवासियत और पितृभक्ति: आनंद सिंह* *अलविदा रजिस्टर्ड डाक — एक युग की ख़ामोश विदाई:डॉ. प्रियंका सौरभ* *डीपीडीपी एक्ट: निजता की ढाल या पत्रकारिता की ढाल पर चोट?:देवानंद सिंह* ************************* ✍️’मजाक मत उड़ाओ, भारत इकलौता देश…
Author: News Desk
अलविदा रजिस्टर्ड डाक — एक युग की ख़ामोश विदाई लेखिका: डॉ. प्रियंका सौरभ एक सितंबर दो हज़ार पच्चीस को जब भारत डाक की रजिस्टर्ड डाक सेवा औपचारिक रूप से समाप्त कर दी जाएगी, तो संभवतः किसी समाचार पत्र के मुख्य पृष्ठ पर यह नहीं छपेगा, न ही किसी समाचार चैनल पर विशेष चर्चा होगी। यह समाचार जितना सामान्य प्रतीत होता है, उतना ही गहरा असर छोड़ता है — उस पीढ़ी पर, जिन्होंने वर्षों तक डाकिये की साइकिल की घंटी सुनकर अपने दिन की शुरुआत की। जिन्होंने पत्रों के माध्यम से रिश्तों को जिया और डाकघर की कतारों में खड़े होकर…
हेमंत की आदिवासियत और पितृभक्ति आनंद सिंह हेमंत सोरेन। कल्पना सोरेन। एक मुख्यमंत्री। दूसरी विधायक। इन दोनों की तस्वीरें, वीडियोज, मीम्स, रील्स आप सोशल मीडिया पर लगातार देख रहे होंगे। हेमंत, दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के द्वितीय पुत्र हैं और कल्पना दिशोम गुरु की द्वितीय बहू। दोनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। इन दिनों दोनों नेमरा में हैं। नेमरा रामगढ़ जिले में है। हेमंत संभवतः 15 अगस्त तक वहीं रहेंगे। कारण हैःदिशोम गुरु शिबू सोरेन का क्रिया-कर्म, जो अभी चल रहा है। आपने हेमंत सोरेन की चिट्ठियां पढ़ी होंगी। चिटिठियां य़ा पोस्ट, कल्पना भी लिख रही…
डीपीडीपी एक्ट: निजता की ढाल या पत्रकारिता की ढाल पर चोट? देवानंद सिंह अगस्त 2023 में भारत सरकार ने लंबे इंतज़ार और कई मसौदों पर विचार-विमर्श के बाद डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 ( डीपीडीपी एक्ट) को संसद के दोनों सदनों से पारित करवा कर राष्ट्रपति की मंज़ूरी प्राप्त की। इस क़ानून का उद्देश्य नागरिकों के निजी डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एक ऐसा लक्ष्य, जिसे 2017 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निजता को मौलिक अधिकार घोषित किए जाने के बाद अनिवार्य माना जाने लगा था, लेकिन जैसे ही यह क़ानून आकार लेता गया, इसकी भाषा और प्रावधानों को…
मतदाता सूची में संशोधन व ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन – 30 से ज़्यादा सांसद हिरासत में, दो घंटे बाद रिहा राष्ट्र संवाद संवाददाता *नई दिल्ली, 11 अगस्त :* बिहार में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के विरोध में सोमवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने दिल्ली में निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकाला। लेकिन, पुलिस ने संसद मार्ग पर उन्हें रोक दिया और हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे बाद सभी सांसदों को रिहा कर दिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं में लोकसभा में विपक्ष के नेता…
बाढ़ का कहर: बिहार के आठ जिलों में 16 लाख लोग प्रभावित, भागलपुर के रिंगबांध पर मंडरा रहा खतरा राष्ट्र संवाद संवाददाता पटना/बेगूसराय/भागलपुर। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के आठ जिलों — पटना, बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार समेत अन्य क्षेत्रों में करीब 16 लाख की आबादी बाढ़ की चपेट में है। गंगा के उफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए सैकड़ों नावों का परिचालन, सामुदायिक रसोई का संचालन और पॉलीथिन शीट का वितरण किया जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरएफ और…
🙏🌅नमस्कार 🌅🙏 *आपका *राष्ट्र* *आपका *संवाद* *राष्ट्र संवाद पञिका* *राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में* *बेमिसाल 25 साल* *राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज* 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 11अगस्त दिन सोमवार 2025 www.rashtrasamvad.com www.rastrasamvad.com Devanandsingh.com rashtrasamwad. com *********************** Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ************************* *NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP* JHAHIN2000/1039 *राष्ट्रसंवाद दैनिक:-* JHAHIN01092 *राष्ट्र संवाद नजरिया : *”बिहार में बाढ़ का कहर: खेत डूबे, घर उजड़े, वादे भी पानी में”* *बेगूसराय के शिवनगर में पहले कटाव ने छीनी जमीन, अब बाढ़ ने डुबो दिया गाँव; नेताओं के अधूरे वादों पर उठ रहे सवाल* *बिहार में…
देवानंद सिंह 22 अप्रैल की सुबह, पहलगाम की वादियां अचानक खामोश हो गईं थी। गोलियों और धमाकों की आवाज़ ने न सिर्फ घाटी, बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया। यह आतंकी हमला सिर्फ सुरक्षा बलों पर हमला नहीं था, बल्कि भारत की धैर्य सीमा को परखने की कोशिश थी। 23 अप्रैल को, दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीनों सेनाओं के प्रमुख और शीर्ष सुरक्षा नेतृत्व की बैठक में माहौल असाधारण रूप से गंभीर था। यहीं वह निर्णायक क्षण आया, जब रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि बस, अब बहुत हो चुका। उस वक्त जो हुआ, वह हालिया भारतीय सुरक्षा…
भारत में नदियों, पहाड़ों और जल स्रोतों के साथ हो रहा खिलवाड़ अब आपदाओं का कारण बन रहा है। लालचवश लोग नदियों के पाट में मकान और पहाड़ों पर रिसॉर्ट बना रहे हैं। एक टपकता नल प्रतीक है उस सोच का, जो पर्यावरण की उपेक्षा करती है। सेल्फी, पर्यटन और मुनाफ़े की इस भीड़ में प्रकृति दम तोड़ रही है। हमें चेतना की ज़रूरत है—विकास से पहले संवेदना। यदि अब भी नहीं रुके, तो अगली आपदा किसी की संवेदना नहीं देखेगी, बस सबकुछ बहा ले जाएगी। प्रकृति माफ़ नहीं करती, वह वापस लेती है। ✍️ डॉ. प्रियंका सौरभ यह…
– ललित गर्ग – विश्व आदिवासी दिवस, 9 अगस्त, केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह सभ्यता की जड़ों और संवेदनशीलता के स्रोत को स्मरण करने का दिन है। यह दिन न केवल आदिवासियों के अस्तित्व, अधिकारों यानी जल, जंगल, जमीन और उनके जीवन की रक्षा का उद्घोष है, बल्कि यह नए भारत के पुनर्निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित करने का भी अवसर है। आदिवासी समाज कोई पिछड़ा समूह नहीं, बल्कि वह सांस्कृतिक ऊर्जा का अक्षय स्रोत है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर पर्यावरण रक्षा तक, सामाजिक समरसता से लेकर आध्यात्मिक परंपराओं तक, हर दिशा में क्रांतिकारी भूमिका…
