जनरेशन-जी से लेकर जनरेशन अल्फा तक : बदलती दुनिया, बदलते बच्चे “समय के साथ बदलती पीढ़ियाँ और उनका समाज पर असर” समय और समाज के बदलते माहौल के साथ हर पीढ़ी की सोच, जीवनशैली और चुनौतियाँ बदलती हैं। ग्रेटेस्ट जनरेशन और साइलेंट जनरेशन ने युद्ध और कठिनाई का सामना किया। बेबी बूमर्स ने औद्योगिकीकरण देखा, जेन-एक्स ने तकनीकी शुरुआत अनुभव की, और मिलेनियल्स ने इंटरनेट और वैश्वीकरण के साथ युवा जीवन जिया। जेन-ज़ी डिजिटल नेटिव हैं, आत्मनिर्भर और तेज़ सोच वाले, जबकि जेन अल्फा पूरी तरह डिजिटल माहौल में पले-बढ़ रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक जुड़ाव और रोजगार की अनिश्चितता…
Author: News Desk
पूर्वोत्तर मे मोदीः शांति एवं विकास की नई सुबह की आहट – ललित गर्ग – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिज़ोरम, मणिपुर और असम की यात्रा के दौरान हुई घोषणाएं केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व की दृष्टि से युगांतरकारी मानी जा सकती हैं। मोदी की घोषणाओं और उद्बोधनों से उनका संकल्प साफ झलकता है कि पूर्वाेत्तर को भारत की विकास धारा में सशक्त स्थान दिलाया जाएगा। मोदी की ये यात्राएं पूर्वाेत्तर की राजनीति और समाज में एक एक नई करवट, नई सुबह साबित हो सकती हैं। मिज़ोरम में उनका संदेश कि पूर्वाेत्तर प्रगति का प्रवेशद्वार…
राष्ट्र संवाद की खबर का असर: यूसिल के पूर्व सीएमडी डॉ. संतोष कुमार सतपति का तबादला मिशन सफल, एस.के. बर्मन ने नई जगह योगदान दिया राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता जादूगोड़ा: यूसिल के पूर्व सीएमडी डॉ. संतोष कुमार सतपति का शुरू किया गया तबादला मिशन आखिरकार सफल हो गया। सोमवार को परचेज विभागाध्यक्ष एस.के. बर्मन ने दो महीने बाद झारखंड से बाहर तुम्मापल्ली यूरेनियम प्रोजेक्ट में योगदान दिया, जहां विभागीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बताया जाता है कि डॉ. सतपति ने अपने कार्यकाल में अनुशासन और नीतियों को सर्वोपरि रखते हुए एक साथ 18 वरीय अधिकारियों के तबादले किए थे।…
सिदगोड़ा का आरोग्यंम अस्पताल – सपना टूटा, घोटाला खड़ा! *एक था सिदगोड़ा में आरोग्यंम* *पैसा पैरवी और पावर की बदौलत आरोग्यं अस्पताल की हुई नीलामी ?* *क्या संबंध है डीआरटी बैंक और प्रदीप डीडवानिया के साथ रितु अग्रवाल का* शहर के बड़े-बड़े नेताओं के इसमें हाथ रंगे! सिदगोड़ा का आरोग्यम बना अब घोटाला का पर्याय? देवानंद सिंह जिस अस्पताल से सिदगोड़ा के लोगों को उम्मीद थी कि अब इलाज घर के पास मिलेगा, वही अस्पताल अब राजनीति, पैरवी और पावर के खेल में फंसकर नीलामी की भेंट चढ़ गया। 2.33 करोड़ के कर्ज और 3 करोड़ से ज्यादा चुकाने के…
जितिया पर्व पर अवकाश: परंपरा, संवेदना और पत्रकारिता की जिम्मेदारी देवानंद सिंह जितिया पर्व पर राष्ट्र संवाद कार्यालय द्वारा अवकाश घोषित करना एक सकारात्मक और सराहनीय कदम है। यह केवल एक छुट्टी का ऐलान नहीं, बल्कि उन माताओं और बेटियों के श्रम, त्याग और परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है जो इस पर्व को पूरे विश्वास और आस्था से मनाती हैं। मीडिया हमेशा दूसरों की आवाज बुलंद करता है, लेकिन अपने घर के भीतर के सवालों पर अक्सर चुप रह जाता है। महिला पत्रकारों और कर्मचारियों के लिए धार्मिक-सांस्कृतिक पर्वों पर अवकाश की परंपरा शुरू करना यह संदेश देता…
जमशेदपुर में अवैध बालू लदा हाईवा टेंपो से टकराया, चालक गंभीर रूप से घायल , प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के मेन रोड में शुक्रवार की रात एक अवैध रूप से बालू लदे हाईवा ने टेंपो को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में टेंपो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाईवा क्रॉस नंबर रोड 12 की ओर मुड़ते समय अचानक पीछे करने लगा, तभी पीछे से आ रहे टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल चालक को अस्पताल…
टाटा ब्लू स्कोप स्टील लिमिटेड में मजदूरों के ओटी भुगतान को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर : टाटा ब्लू स्कोप स्टील लिमिटेड के ठेका प्रतिष्ठान मेसर्स सिग्नोड इंडिया लिमिटेड में 01 मई, 15 अगस्त जैसी राष्ट्रीय छुट्टियों पर काम करने वाले मजदूरों को ओटी का दुगुना भुगतान नहीं किए जाने के मामले पर उप श्रमायुक्त के कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता में यूनियन की ओर से अंबुज कुमार ठाकुर, ठेका प्रबंधन की ओर से सपन मुखर्जी (राजा) तथा उप श्रमायुक्त मौजूद थे। उप श्रमायुक्त ने प्रबंधन पक्ष को निर्देश दिया कि सभी सुसंगत कागजातों के…
सी.पी. राधाकृष्णन के सामने केवल एक संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अतीत की छाया से बाहर निकलने की भी चुनौती देवानंद सिंह सी.पी. राधाकृष्णन की ने शुक्रवार को देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है। उनका कार्यकाल सितंबर 2030 तक होगा। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार रहे सी.पी. राधाकृष्णन की उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत किसी भी लिहाज़ से अप्रत्याशित नहीं थी। संख्या बल शुरू से ही उनके पक्ष में था और विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. ब्लॉक का प्रत्याशी केवल प्रतीकात्मक चुनौती देने के लिए खड़ा हुआ था। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष ने…
हिंदी दिवस- 14 सितम्बर, 2025 हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता के बावजूद देश में उपेक्षा क्यों? – ललित गर्ग – हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजनात्मक अवसर नहीं, बल्कि हमारी भाषाई अस्मिता राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक आत्मगौरव का प्रयोजनात्मक प्रतीक है। विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा के रूप में हिंदी विश्व की उन चुनिंदा भाषाओं में से एक है जिसे करोड़ों लोग अपनी मातृभाषा, संपर्क भाषा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम मानते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ सहित अनेक वैश्विक मंचों पर हिंदी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। दुनिया के लगभग 180 देशों में हिंदी बोलने वाले हैं और…
परंपराओं से कटाव और समाज का विघटन वामपंथी सोच और भारतीय संस्कृति: समृद्धि या विकृति? – डॉ सत्यवान सौरभ भारत, एक ऐसा देश जहां संस्कृति, धर्म, कला, और साहित्य की जड़ें सदियों से फैली हुई हैं, आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। यह देश विविधताओं में एकता का प्रतीक है, और इसकी सांस्कृतिक धरोहर विश्वभर में प्रशंसा पाती है। लेकिन पिछले कुछ दशकों में, वामपंथी विचारधारा ने भारतीय समाज के कई पहलुओं पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। इस विचारधारा ने साहित्य, कला, शैक्षिक संस्थानों, और इतिहास के क्षेत्र में भारतीय संस्कृति को चुनौती दी है। वामपंथी विचारधारा का…
