राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसीआईएल की भाटिन माइन्स में काम कर रही एमएफबी जियोटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा है। मजदूर नेता बाघराय मार्डी ने प्रबंधन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए हड़ताल की चेतावनी दी है। आरोप है कि कंपनी ALC कार्यालय के आदेशों और त्रिपक्षीय समझौते का खुलेआम उल्लंघन कर रही है।
क्या है पूरा मामला
बाघराय मार्डी, पूर्व जिला परिषद सदस्य, ने कई अधिकारियों को भेजे पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र के अनुसार:
*1. वेतन में बड़ा खेल:* ALC की Action Taken Report में साफ निर्देश था कि जिस पदनाम पर कर्मचारी काम कर रहे हैं, उसी श्रेणी के हिसाब से वेतन-भत्ता दिया जाए। लेकिन कंपनी उच्च श्रेणी का काम निम्न श्रेणी के वेतन पर करा रही है। यह श्रम कानूनों और प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है।
*2. समझौते को ठेंगा:* ALC कार्यालय में हुए सुलह-समझौते और सहमत बिंदुओं का MFB जियोटेक पालन नहीं कर रही। केवल कैंटीन शुरू कर देने से समस्याएं खत्म नहीं होतीं।
*3. लंबित हैं ये मुद्दे:*
– नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए
– VTC राशि का भुगतान बकाया
– पदनाम के अनुसार वेतन निर्धारण नहीं
– अन्य सहमत बिंदुओं पर कोई कार्रवाई नहीं
*72 घंटे का अल्टीमेटम*
पत्र में साफ लिखा है, “यदि ठोस एवं संतोषजनक निष्कर्ष नहीं दी जाती है तो 72 घंटे के पश्चात यूसील प्रबंधन एवं एमएफबी जियोटेक के विरुद्ध हड़ताल के लिए मजदूर व ग्रामीण बाध्य हो जाएंगे।” चेतावनी दी गई है कि इस दौरान ‘नो वर्क नो पे’ लागू नहीं होगा और औद्योगिक परिसर में अशांति की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन पर होगी।
*किस-किस को भेजी गई कॉपी*
मजदूर नेता ने इस पत्र की प्रतिलिपि घाटशिला और पोटका के विधायकों, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त, सहायक श्रम आयुक्त, UCIL के उप महाप्रबंधक, ग्रुप ऑफ माइन्स एजेंट, भाटिन माइन्स के खान प्रबंधक, वरीय आरक्षी अधीक्षक समेत 16 अधिकारियों को भेजी है।
*अब आगे क्या*
मजदूर यूनियन के इस अल्टीमेटम के बाद भाटिन माइन्स में तनाव का माहौल है। अगर 72 घंटे में समाधान नहीं निकला तो उत्पादन ठप हो सकता है। इससे UCIL के कामकाज पर भी असर पड़ने की आशंका है। मजदूरों का कहना है कि सालों से शोषण सह रहे हैं, अब आर-पार की लड़ाई होगी।
*बॉक्स: प्रमुख मांगें*
– *पद के अनुसार वेतन*: उच्च श्रेणी का काम कर रहे कर्मचारियों को उसी श्रेणी का वेतन मिले
– *बकाया भुगतान*: लंबित VTC राशि तुरंत जारी हो
– *नियुक्ति पत्र*: सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएं
– *समझौता लागू हो*: त्रिपक्षीय समझौते के सभी बिंदुओं का पालन हो
वहीं मजदूर का आरोप है कि कैंटीन में भी गुणवत्तापूर्ण खाना नहीं दिया जा रहा है केवल खाना पूर्ति की जा रही है यूसील अधिकारियों और कैंटीन संचालकों के मिलीभगत से मजदूरों को घटिया खाना मिल रहा हे।

