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    यूसीआईएल में हड़ताल का नहीं थम रहा सिलसिला, सीएमडी डॉ. कंचन आनंद और डीएफ विक्रम केसरी दास कटघरे में

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJune 18, 2026No Comments3 Mins Read
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    यूसीआईएल में हड़ताल का नहीं थम रहा सिलसिला, सीएमडी डॉ. कंचन आनंद और डीएफ विक्रम केसरी दास कटघरे में

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जादूगोड़ा।यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) जादूगोड़ा इकाई में ठेका मजदूरों की हड़ताल ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। नए सीएमडी डॉ. कंचन आनंद के कार्यभार संभालने के कुछ महीनों में ही दस बार आंदोलन हो चुके हैं। हड़ताल से उत्पादन ठप होता है और करोड़ों का नुकसान हो चुका है। अब सवाल सीधा शीर्ष नेतृत्व से है — बैठकें, लिखित आश्वासन और तय डेडलाइन के बाद भी मजदूरों को उनका हक क्यों नहीं मिल रहा?

    सीएमडी से राष्ट्र संवाद के 3 बड़े सवाल

    1. संवाद का संकट क्यों?

    यूनियन प्रतिनिधियों का आरोप है कि सीएमडी स्तर पर मजदूरों, यूनियनों और विस्थापित परिवारों से नियमित संवाद की कोई व्यवस्था नहीं है। अगर संवाद हुआ भी, तो ईएल भुगतान की हड़ताल का बाद ही भुगतान होता हे

    प्रबंधन नियंत्रण कहां है?

    बार-बार हड़ताल और लगातार गिरता उत्पादन कहीं न कहीं प्रबंधन के कमजोर नियंत्रण की ओर इशारा करता है। सवाल यह है कि शीर्ष नेतृत्व ने जोखिम आकलन और कंटिजेंसी प्लान बनाया था या नहीं? अगर बनाया था तो वह जमीन पर दिख क्यों नहीं रहा?

    इंटर-डिपार्टमेंट तालमेल का क्या?

    सूत्रों की मानें तो माइंस पर्सनल और मिल पर्सनल से समय पर फाइलें एकाउंट्स विभाग तक नहीं पहुंच रही हैं। क्या सीएमडी-डीएफ स्तर पर विभागों के बीच कोऑर्डिनेशन पूरी तरह फेल है? इसकी समीक्षा कब होगी?

    भुगतान में देरी का जिम्मेदार कौन?

    डायरेक्टर फाइनेंस विक्रम केसरी दास के अधीन ही एकाउंट्स विभाग आता है। जब हड़ताल के बीच एकाउंट्स कर्मियों को बुलाकर काम कराया जा सकता है, तो पहले यह तत्परता क्यों नहीं दिखाई गई?

    प्रक्रियागत लापरवाही के लिए किस स्तर के अधिकारी पर जवाबदेही तय की गई है? अभी तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई।

    सिर्फ ईएल नहीं, 8 में से 7 मांगें लंबित

    मजदूर संगठनों का साफ कहना है कि ईएल भुगतान आठ सूत्री मांगों में से सिर्फ एक है। बाकी सात मांगों — जिनमें विस्थापितों के मुद्दे भी शामिल हैं — पर प्रबंधन की ओर से कोई टाइम-बाउंड रोडमैप जारी नहीं किया गया है। हड़ताल से न सिर्फ उत्पादन, बल्कि जादूगोड़ा टाउनशिप में पानी आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवा भी प्रभावित होतीं है।

    संयुक्त मोर्चा की हुंकार: जवाबदेही तय हो

    संयुक्त यूनियन, ठेका मजदूर, अस्थायी कर्मी और विस्थापित प्रतिनिधियों ने एक सुर में नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका सीधा सवाल है — “अगर प्रबंधन तय समय पर निर्णय और भुगतान नहीं कर सकता, तो सुधारात्मक कदम कब और कैसे उठाए जाएंगे?”लेखा विभाग में ओवर टाइम घोटाला के सामने आ रहा है साथ ही वेतन समय पर नहीं होने से ठेकेदार भी काफी परेशान है।

    यूसिल कालोनी की सड़क ओर क्वाटर जर्जर हे इसके लिए कौन जिम्मेवार है। ठेका मजदूरों को सुविधा नहीं मिल रही है सुरक्षा का सामान नहीं मिल रहा पा रहा है कर्मियों को अस्पताल में दवा नहीं मिल पा रही।

    यूसीआईएल में हड़ताल का नहीं थम रहा सिलसिला सीएमडी डॉ. कंचन आनंद और डीएफ विक्रम केसरी दास कटघरे में
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