सिदगोड़ा का आरोग्यंम अस्पताल – सपना टूटा, घोटाला खड़ा!
*एक था सिदगोड़ा में आरोग्यंम*
*पैसा पैरवी और पावर की बदौलत आरोग्यं अस्पताल की हुई नीलामी ?*
*क्या संबंध है डीआरटी बैंक और प्रदीप डीडवानिया के साथ रितु अग्रवाल का*
शहर के बड़े-बड़े नेताओं के इसमें हाथ रंगे!
सिदगोड़ा का आरोग्यम बना अब घोटाला का पर्याय?
देवानंद सिंह
जिस अस्पताल से सिदगोड़ा के लोगों को उम्मीद थी कि अब इलाज घर के पास मिलेगा, वही अस्पताल अब राजनीति, पैरवी और पावर के खेल में फंसकर नीलामी की भेंट चढ़ गया।
2.33 करोड़ के कर्ज और 3 करोड़ से ज्यादा चुकाने के बाद भी न अस्पताल बचा, न साझेदारी – ठेकेदार भी रह गए बेमददगार।
सबसे बड़ा सवाल – आखिर क्या रिश्ता है प्रदीप डीडवानिया, रितु अग्रवाल और बैंक DRT के बीच?

शहर के बड़े नेताओं की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
आरोग्यं की कहानी अब सिर्फ अस्पताल की नहीं, बल्कि सिस्टम के उस खेल की है जहां पैसा और पैरवी जीत जाते हैं, और जनता का सपना हार जाता है।

