लेखक: इंद्र यादव
नवी मुंबई। नवी मुंबई के उलवे सेक्टर-19 स्थित एक होटलनुमा परिसर में चल रहे कथित देह व्यापार रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए दो नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया है। इस मामले में एक महिला एजेंट को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (PITA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस का देह व्यापार रैकेट पर शिकंजा: कैसे मिली सूचना?
जानकारी के अनुसार, सोशल एक्टिविस्ट डॉ. बीनू वर्गीज की सूचना पर उलवे पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-19 स्थित ‘ला रेसिडेंस’ में नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार में धकेला जा रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद डीसीपी अमित काले (जोन-2) के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अर्जुन रजाने, एपीआई सुरेश खरात एवं उनकी टीम ने छापेमारी की।
छापेमारी और नाबालिगों की मुक्ति
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक महिला एजेंट को हिरासत में लिया तथा 13 और 17 वर्ष की दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला कथित रूप से नाबालिग लड़कियों को इस अवैध धंधे में शामिल कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रही थी।
देह व्यापार रैकेट के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के अलावा अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (PITA) की धारा 3, 4 और 5, पॉक्सो एक्ट की धारा 16, 17 और 18 तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 81 एवं 87 के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच जारी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गहन जांच की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मुक्त कराई गई दोनों किशोरियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद बाल संरक्षण तंत्र की देखरेख में भेजा गया है।
पुलिस ने कहा कि बाल तस्करी और नाबालिगों के शोषण से जुड़े मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है। [INTERNAL_LINK_HOLDER]

