Author: News Desk

(रोशनी बाहर नहीं, मन के भीतर जलाएं दीये, रिश्तों और सुकून से रौशन होती है असली दीपावली।) दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि मन के अंधकार को मिटाने और आत्मा में उजाला भरने का अवसर है। आज यह जरूरी है कि हम इसे दिखावे या प्रदूषण का उत्सव न बनाएं, बल्कि सादगी, करुणा और प्रेम का पर्व बनाएं। जब हम दूसरों के जीवन में रोशनी बाँटते हैं, तभी सच्चा सुख और सुकून प्राप्त होता है। दीपावली का असली अर्थ है — हर मन में शांति, हर घर में प्रेम और हर समाज में समरसता का प्रकाश। – डॉ…

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लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन ने भ्रामक वेबसाइटों पर रोक की मांग की, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष सिंह ने उठाया मुद्दा राष्ट्र संवाद संवाददाता नई दिल्ली: लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ भ्रामक और कथित समाचार वेबसाइटों पर अंकुश लगाने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि ये वेबसाइटें भ्रष्टाचार, ब्लैकमेलिंग और अधिकारियों की छवि धूमिल करने में सक्रिय हैं, जबकि इनमें से अधिकांश का सूचना मंत्रालय या RNI से कोई संबंध नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि दीपावली और छठ गीतों के आयोजन के बाद इस मुद्दे पर…

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बिहार की सियासत में गठबंधन का गणित, सीटों से ज्यादा अहम है भरोसे की लड़ाई देवानंद सिंह बिहार की राजनीति हमेशा से गठबंधन की उलझनों, जोड़-घटाव और सियासी समीकरणों का केंद्र रही है। यहां चुनाव केवल मतपेटी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दलों के बीच शक्ति-संतुलन को परिभाषित करता है। इस बार भी नज़ारा कुछ अलग नहीं है, फर्क बस इतना है कि समीकरण और पेचीदा हो गए हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन, दोनों ही खेमों में सीटों के बंटवारे को लेकर जारी खींचतान बता रही है कि गठबंधन की राजनीति में साथ चलना और साथ निभाना…

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धनतेरस: समृद्धि का नहीं, संवेदना का उत्सव (आभूषणों से ज़्यादा मन का सौंदर्य जरूरी, मन की गरीबी है सबसे बड़ी दरिद्रता।) धनतेरस का अर्थ केवल ‘धन’ नहीं बल्कि ‘ध्यान’ भी है — ध्यान उस पर जो हमारे जीवन को सार्थक बनाता है। यह त्योहार हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि समृद्धि का असली अर्थ क्या है। अगर घर में प्रेम है, परिवार में एकता है, मन में शांति है, और समाज में करुणा है—तो यही सबसे बड़ा धन है। इसलिए इस धनतेरस पर केवल चाँदी की चमक नहीं, अपने मन की उजास बढ़ाइए। अपने भीतर के अंधकार को…

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धनतेरस- 18 अक्टूबर, 2025 धनतेरस धन के भौतिक एवं आध्यात्मिक समन्वय का पर्व -ललित गर्ग- धनतेरस का पर्व पंच दिवसीय दीपोत्सव की पवित्र श्रृंखला का आरंभिक द्वार है। यह केवल सोना-चांदी, वस्त्र या बर्तन खरीदने का शुभ दिन नहीं, बल्कि धन के प्रति हमारी सोच को पुनर्संतुलित करने का अवसर है। भारतीय संस्कृति में धन को सदैव देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, परंतु यह पूजन केवल भौतिक संपदा का नहीं, बल्कि धन के नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक उपयोग का भी प्रतीक है। ऋषि-मुनियों ने धन को केवल मुद्रा नहीं, बल्कि एक ऊर्जा माना है। उपनिषदों में…

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🙏🌅नमस्कार 🌅🙏 *आपका *राष्ट्र* *आपका *संवाद* *राष्ट्र संवाद पञिका* *राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में* *बेमिसाल 25 साल* *राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज* 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 18अक्टूबर शनिवार 2025 www.rashtrasamvad.com www.rastrasamvad.com Devanandsingh.com rashtrasamwad. com *********************** Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ************************* *NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP* JHAHIN2000/1039 *राष्ट्रसंवाद दैनिक:-* JHAHIN01092 *राष्ट्र संवाद नजरिया : कांग्रेस ने बिहार में उतारा ‘जादूगर’, अब रोल बदलकर टक्कर देंगे BJP के चाणक्य!* *बिहार चुनाव से ठीक पहले टूटने के कगार पर पहुंचा महागठबंधन! सीटों के बंटवारे पर गहराया संकट* *धनतेरस धन के भौतिक एवं आध्यात्मिक समन्वय का…

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🙏🌅नमस्कार 🌅🙏 *आपका *राष्ट्र* *आपका *संवाद* *राष्ट्र संवाद पञिका* *राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में* *बेमिसाल 25 साल* *राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज* 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 17अक्टूबर शुक्रवार 2025 www.rashtrasamvad.com www.rastrasamvad.com Devanandsingh.com rashtrasamwad. com *********************** Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ************************* *NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP* JHAHIN2000/1039 *राष्ट्रसंवाद दैनिक:-* JHAHIN01092 *राष्ट्र संवाद नजरिया : कौन मारेगा बाजी कौन रहेगा फिसड्डी* *पराली जलाने की आग में झुलसता उत्तर भारत : समाधान किसानों और पर्यावरण दोनों के हित में* *मिथिला की बेटी पर शब्दों के बाण क्यों?* *विरोध की भी एक मर्यादा होती है राजनीति…

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देवानंद सिंह बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दल फेंटा कसना शुरू कर दिए हैं। इनके रणनीतिकार जमीनी हकीकत के आधार पर विधानसभा वार प्रत्याशियों के चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं । वहीं इन दलों में उथल-पुथल भी दिखना शुरू हो गया है। मसलन , जिसका टिकट कट रहा है वह अपने दल-बल के साथ दूसरी पार्टी की तरफ रुख कर रहा है। कमोबेश हर राजनीतिक दल में इस तरह का नजारा देखने को मिल रहा है। जहां तक बिहार का सवाल है, यहां इस बार 20…

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हर वर्ष अक्टूबर–नवंबर के महीनों में पंजाब और हरियाणा के खेतों से उठने वाला धुआँ दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत की साँसें रोक देता है। पराली जलाना किसानों की विवशता और नीतिनिर्माताओं की विफलता दोनों का परिणाम है। जब तक किसान के हित, कृषि की आवश्यकताएँ और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़कर देखा नहीं जाएगा, तब तक न तो प्रदूषण घटेगा और न ही ग्रामीण भारत को स्थायी आजीविका का मार्ग मिलेगा। — डॉ प्रियंका सौरभ हर वर्ष जब धान की कटाई का मौसम आता है, तब पंजाब और हरियाणा के खेतों से उठने वाला धुआँ आसमान को धुंध…

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राष्ट्र संवाद डेस्क ‘धर्म का पालन करते हुए भी जो तिरस्कार सहता है, वही सच्चा योद्धा होता है।’ महाभारत के कर्ण के रूप में पंकज धीर ने जब यह भाव अपने अभिनय से जीवंत किया था, तब करोड़ों दर्शकों के मन में उन्होंने केवल एक पात्र नहीं, बल्कि एक आदर्श गढ़ दिया था। आज उनके निधन के साथ टेलीविज़न इतिहास का एक सुनहरा अध्याय समाप्त हो गया है। जीवनी और अभिनय यात्रा पंकज धीर का जन्म 9 नवंबर 1959 को हुआ था। उनके पिता सी.एल. धीर हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध लेखक रहे हैं। बचपन से ही फिल्मों और…

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